Connect with us

Uttar Pradesh

अब वायरल हो रही रेस्टोरेंट की फुटेज, दारोगा और महिला सवालों में

Published

on

मेरठ । भाजपा पार्षद द्वारा दारोगा की पिटाई का प्रकरण सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। मंगलवार को भी एक वायरल वीडियो में दारोगा व महिला अधिवक्ता को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। एएसपी क्राइम सतपाल आंतिल का कहना है कि रेस्टोरेंट सीन ऑफ क्राइम है। उसे प्रोटेक्ट रखने के लिए टेपिंग की गई थी। जांच पूरी होते ही टेपिंग हटा ली गई। पुलिस को सीलिंग का अधिकार ही नहीं है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज 
घटनाक्रम के बाद मोबाइल से बनी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं, लेकिन सोमवार से अब भाजपा पार्षद के रेस्टोरेंट में लगी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज वायरल हो रही है। सोमवार को जारी फुटेज में दर्शाने की कोशिश की गई थी कि दारोगा ने अपने मुकदमे में घटना का समय साढे आठ, महिला अधिवक्ता ने अपने मुकदमे में घटना का वक्त आठ बजे दर्शाया है, जबकि फुटेज में घटना का वक्त साढ़े सात बजे दिख रहा है। जो दारोगा 08:05 बजे आमद कराकर निकला हो वह साढ़े सात बजे रेस्टोरेंट में कैसे पहुंच गया। मंगलवार को वायरल की गई फुटेज में दर्शाने की कोशिश की गई है कि महिला ने मुकदमे में खाना न लाने पर झगड़ा होने की बात कही है। जबकि फुटेज में दोनों खाना खाते दिख रहे हैं। वहीं, यह भी बताने की कोशिश की जा रही है कि रेस्टोरेंट के हॉल में अकेले बैठे दारोगा व महिला अधिवक्ता बीच-बीच में आपत्तिजनक स्थिति में दिख रहे हैं। पार्षद के अधिवक्ता सुमित दीक्षित का कहना है कि वीडियो में दोनों की मंशा साफ दिखाई दे रही है। साथ ही झगड़ा किसने शुरू किया, इसका भी पता लग रहा है।

पुलिस को क्यों नहीं दी जा रही फुटेज
जिस मोबाइल से वीडियो बनाई गई, उसे लेने के लिए तथा रेस्टोरेंट के कैमरों की डीवीआर लेने के लिए पुलिस दो बार नोटिस भेज चुकी है। बड़ा सवाल यह है कि वीडियो तो वायरल की जा रही हैं, लेकिन पुलिस को मोबाइल और कैमरों की डीवीआर आखिर क्यों नहीं दी जा रही।
कई मोबाइलों में कैद हुई खाकी की ‘बेइज्जती’
कंकरखेड़ा में हाईवे स्थित ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में भाजपा पार्षद द्वारा दारोगा की पिटाई की एक के बाद एक नए वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के एंगल अलग-अलग हैं, जिससे साफ जाहिर है कि दारोगा की पिटाई की वीडियो बनाने में एक नहीं, बल्कि कई मोबाइलों का इस्तेमाल हुआ। सोमवार को नया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने अब इस तरफ भी जांच शुरू कर दी है।
पार्षद को भेजा गया था जेल
19 अक्टूबर की रात परतापुर थाने की मोहिउद्दीनपुर चौकी इंचार्ज सुखपाल सिंह पंवार कंकरखेड़ा में भाजपा पार्षद मुनीष चौधरी के खिर्वा रोड स्थित ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट में गए थे। उनके साथ एक महिला अधिवक्ता भी थी। वहां पार्षद का दारोगा व महिला से विवाद हो गया था, जिसके बाद पार्षद ने दारोगा की पिटाई कर दी थी। इस घटना की कई वीडियो वायरल होने के बाद पार्षद को लूट व हमले के मामले में जेल भेजा गया था। अब तक यह माना जा रहा था कि एक ही मोबाइल से वीडियो बनाकर वायरल किया गया। लेकिन, सोमवार को नए एंगल का एक और वीडियो वायरल हुआ।
9.25 मिनट की है यह वीडियो 
अब तक जारी हुई सभी वीडियो छोटी-छोटी हैं, लेकिन सोमवार को जारी हुई वीडियो में पूरा घटनाक्रम कैद है। यह वीडियो नौ मिनट 25 सेकेंड की है। इसमें नोकझोंक शुरू होने से लेकर छीनाझपटी और मारपीट तक कैद है। इस वीडियो में महिला अधिवक्ता की पार्षद से कहासुनी व गाली-गलौज हो रही है। विरोध करने पर पार्षद दारोगा पर टूट पड़ता है।

नहीं दिए डीवीआर व मोबाइल दोबारा भेजे नोटिस
दारोगा की पिटाई, पिस्टल की छीनाझपटी फिर पार्षद से हाथापाई में पहली घटना कौन सी है, इसकी जांच लिए पुलिस ने वह मोबाइल मांगा था, जिससे वीडियो बनाई गई। इसके अलावा रेस्टोरेंट की डीवीआर भी देने को कहा गया था। इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया। एसएसपी अखिलेश कुमार का कहना है कि बार-बार कहने के बावजूद डीवीआर और मोबाइल नहीं दिया जा रहा है ताकि फोरेंसिक जांच से स्थिति स्पष्ट हो सके। मंगलवार को दोबारा नोटिस दिया गया है। घटना की वीडियो बनाने में कई मोबाइल इस्तेमाल हो सकते हैं। जांच में सामने आने पर उन्हें भी फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
अब फ्रंटफुट पर आई भाजपा, जेल में मिलने पहुंचे नेता 
जिलाध्यक्ष रविंद्र भड़ाना व महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल ने मंगलवार को जेल में पार्षद मुनीष से मुलाकात की। हालांकि इस मुद्दे पर पार्टी के रुख की बाबत रवींद्र भड़ाना ने संकेतों में बात की। वहीं मुकेश सिंघल खुलकर पार्षद के पक्ष में आए। कहा कि पुलिस की एकतरफा कारवाई की सूचना प्रदेश सरकार को दी गई है। पार्षद के साथ पार्टी पूरी ताकत से अंतिम क्षण तक खड़ी है। उनके रेस्टोरेंट में ताला जड़ने को लेकर भी महानगर अध्यक्ष ने एसपी सिटी से वार्ता कर इसे तत्काल खुलवाने के लिए कहा। योगी सरकार बनने के बाद भाजपाइयों की अधिकारियों से कई बार झड़प हुई, और हर बार संगठन को बैकफुट पर रहना पड़ा। भाजपाइयों ने डिप्टी सीएम केशव मौर्य, डा. दिनेश शर्मा, प्रभारी मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह एवं प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल के सामने भी कई बार अधिकारियों के बेलगाम होने का मसला उठाया।
18 घंटे बाद ही हटानी पड़ी पार्षद के रेस्टोरेंट की सील
वर्दीधारी दारोगा से मारपीट और महिला वकील से बदसलूकी प्रकरण में आरोपित भाजपा पार्षद मुनीश चौधरी का रेस्टोरेंट पुलिस ने सोमवार देर रात सील कर दिया। हालांकि, भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल द्वारा एडीजी और आइजी से शिकायत करने के बाद पुलिस को बैकफुट पर आकर 18 घंटे बाद सील हटानी पड़ी। वहीं, पुलिस का कहना है कि रेस्टोरेंट सील नहीं किया गया था, रेस्टोरेंट के उस इलाके को पट्टी लगाकर प्रोटेक्ट किया था, जहां दारोगा के साथ मारपीट की गई। साक्ष्य जुटाने के बाद मंगलवार रात पट्टी हटा दी गई।
सुर्खियों में रेस्टोरेंट
दिल्ली-देहरादून हाईवे पर खिर्वा चौपले के निकट स्थित भाजपा पार्षद का ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट दशहरे की रात से काफी सुर्खियों में है। जेल भेजने के साथ-साथ पुलिस ने पार्षद की चौतरफा घेराबंदी शुरू कर दी थी। इसके तहत एमडीए, एनएचएआइ, इनकम टैक्स, विद्युत निगम, फूड एंड सप्लाई, दमकल विभाग आदि को नोटिस जारी कर रेस्टोरेंट के निर्माण, वास्तविक स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। अभी यह प्रक्रिया चल ही रही थी कि सोमवार रात करीब दो बजे पुलिस रेस्टोरेंट पहुंची और सील लगा दी।
भाजपाइयों व व्यापारियों में खलबली
रेस्टोरेंट पर सील की कार्रवाई के बाद पुलिस के अगले कदम को लेकर स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों में खलबली मच गई थी। उन लोगों को भी कार्रवाई का डर सताने लगा था, जिन्होंने मुनीष चौधरी को जेल भेजने का पुरजोर विरोध किया था। हालांकि, रात में सील हटने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि पुलिस बदले की भावना से काम कर रही है। पार्षद प्रकरण को लेकर एडीजी और आइजी से शिकायत की गई है।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!