Connect with us

International

अमेरिका में 21,000 भारतीय नागिरक अवैध रुप से रह रहे हैं- रिपोर्ट

Published

on

वाशिंगटन । अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग ने एक नई रिपोर्ट जारी की है जिससे अमेरिका में रह रहे भारतीयों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में करीब 21,000 भारतीय नागरिक ऐसे हैं जो अपनी वीजा अवधि समाप्त होने पर भी वहां अवैध रुप से ठहरे हुए हैं। ये आंकड़ा कहता है कि वैसे भारतीय नागरिक जिनके वीजा की अवधि साल 2017 में समाप्त होने वाली थी वे अब भी वहां डटे हुए हैं।

होमलैंड सुरक्षा विभाग की एक आधिकारिक रिपोर्ट के हवाले से ये खबर सामने आई है। इनकी संख्या इतनी है कि वीजा पर कानूनी रुप से रह रहे लोगों की संख्या में और इनमें अधिक अंतर नहीं है। बताया जाता है कि, अमेरिका में कानूनी रुप से रहने वाले और इसके बाद गैर कानूनी रुप से वहां ठहरने वाले नागरिकों के देशों के शीर्ष 10 में से भारत भी एक है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017 में 10.7 लाख से अधिक भारतीय बी-1,बी-2 वीजा पर अमेरिका आए थे। उन्हें ये वीजा व्यापार, पर्यटन के उद्देश्यों के आधार पर दिया गया था। इनमें से 14,204 नागरिक अपनी वीजा अवधि से अधिक समय तक वहां ठहरे। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 1,708 भारतीय वीजा एक्सपायर होने पर अमेरिका से वापस आ गए जबकि 12,498 भारतीयों के अब तक अमेरिका छोड़ने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे यही अनुमान लगाया जा सकता है कि वे अवैध अप्रवासी की तरह वहां रह रहे हैं।

2016 में 10 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक बी-1,बी-2 वीजा पर अमेरिका आए थे। इनमें से 17,763 भारतीय अधिक समय तक वहां ठहरे हुए हैं। इनमें से 2,040 नागरिकों ने वीजा एक्सपायर होने के बाद अमेरिका से वापस आ गए। जबकि 15,723 अब भी वहां अवैध रुप से रह रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में 127,435 भारतीय स्टूडेंट एफ, जे और एम वीजा पर अमेरिका आए। इनमें से 4,400 भारतीय समय से अधिक वहां ठहर गए। आंकड़ों के अनुसार, 1,567 भारतीयों ने अमेरिका छोड़ दिया जबकि 2,833 भारतीय अब भी वहां अवैध तरीके से रह रहे हैं।

अमेरिकी राजकोषीय वर्ष 2017 के अंत में 606,926 संदिग्ध वहां समय से अधिक ठहरे हुए थे। इनकी दर 1.15 फीसद था। इनमें केवल भारतीयों का फीसद 1.16  था जो गैर-वीजा छूट कार्यक्रम वाला देश कहलाता है। इसी प्रकार ऐसे 1,662,369 अप्रवासी स्टूडेंट की पहचान की गई है जो अमेरिका में रह रहे हैं। हालांकि 4.15 फीसद बिना किसी आधिकारिक परमीशन के वहां रह रहे हैं। इनमें भारतीय छात्रों का दर 3.4 फीसद है।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!