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अमेरिका से डरा उत्तर कोरिया, अब नहीं चाहता है युद्ध!

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 नई दिल्ली (एएफपी)। भले ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जुबानी जंग तेज हो, लेकिन किम जोंग अमेरिका से युद्ध नहीं चाहता है। अब इसे किम जोंग का डर कहें या फिर समझदारी वाला निर्णय, लेकिन यह सच है। उत्तर कोरिया युद्ध की भले ही धमकियां देता आया हो, पर वो अमेरिका से युद्ध के पक्ष में बिल्कुल नहीं है।

प्योंगयांग दौरे से लौटे अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उत्तर कोरिया युद्ध के पक्ष में नहीं है, लेकिन वार्ता के लिए उसने कोई ठोस प्रस्ताव नहीं दिया है। संयुक्त राष्ट्र के राजनैतिक मामलों के अध्यक्ष जेफरी फेल्टमैन ने सुरक्षा परिषद को अपनी यात्रा के बारे में जानकारी देने के बाद संवाददातओं से कहा, ‘उत्तर कोरिया ने सहमति जताई है कि युद्ध को रोकना महत्वपूर्ण है।’

बता दें कि पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में जेफरी फेल्टमैन ने उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो और उप विदेश मंत्री पाक मायोंग-कुक से मुलाकात की थी। वर्ष 2011 के बाद पहली बार उच्च रैंकिंग संयुक्त राष्ट्र अधिकारी ने उत्तर कोरिया के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की है। इस वार्ता के दौरान आगे की कार्यवाही के लिए किसी भी अनुवर्ती बैठक पर सहमति नहीं बनी, हालांकि फेल्टमैन ने कहा, ‘उन्होंने उत्तर कोरिया को बताया कि उनकी यात्रा को एक नए आदान-प्रदान के “केवल शुरुआत” के रूप में देखा जाना चाहिए।’

उन्होंने बताया, ‘उत्तर कोरिया ने गंभीरता से हमारे तर्कों को सुना, हालांकि उत्तर कोरिया ने बेहतर संबंधों के लिए पहले किसी प्रकार की प्रतिबद्धता नहीं दिखाई। मुझे लगता है कि हमने जो कुछ कहा उनके स्वयं के नेतृत्व को लेकर, उसे उन्हें प्रतिबिंबित करना होगा।

संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के महासचिव ने कहा कि उन्होंने प्योंगयांग से आग्रह किया कि वह विश्व शक्तियों के साथ बेहतर संबंधों और व्यवसाय करने के लिए खुद को तैयार करे, ताकि संयुक्त राष्ट्र भी उसकी सहायता कर सके। उन्होंने आगे कहा कि ‘समय बताएगा कि हमारी चर्चाओं का क्या असर कैसा रहा, लेकिन मुझे लगता है कि हमने बातचीत के दरवाजे खोल दिए हैं। मुझे उम्मीद है कि समस्याओं के समाधान के लिए बातचीत का दरवाजा अब व्यापक रूप से खुलेगा।’

फ़ेल्टमैन ने कहा कि प्योंगयांग के लिए उनका मिशन ‘सबसे महत्वपूर्ण’ था। गौरतलब है कि लगातार चेतावनी के बावजूद तेजी से शक्तिशाली मिसाइल और परमाणु परीक्षणों के कारण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पिछले साल उत्तर कोरिया पर तीन बार प्रतिबंध लगाया। इसके बाद उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच विवाद बढ़ता चला गया। उत्तर कोरिया ने कई बार अमेरिका को युद्ध की धमकी भी दी।

अब तक क्या-क्या कर चुका है उत्तर कोरिया?
– नॉर्थ कोरिया हाइड्रोजन बम समेत 6 न्यूक्लियर टेस्ट कर चुका है।

– इस साल अप्रैल में किम जोंग ने समुद्र में लाइव फायरिंग कराई थी। इसे उत्तर कोरिया का अब तक की सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास कहा गया था।

– दो साल में नॉर्थ कोरिया ने 21 बार मिसाइल टेस्ट किया है, इसमें चार नाकाम रहे।

– छह साल में किम जोंग ने 43 शॉर्ट रेंज, 13 मीडियम, 10 क्रूज, 6 इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल और 4 एटमी टेस्ट किए।

– उत्तर कोरिया ने बीते 33 साल में 150 मिसाइल और न्यूक्लियर टेस्ट किए हैं।

– इस साल नॉर्थ कोरिया इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ह्वासॉन्ग-15 के 2 टेस्ट कर चुका है।

– इस मिसाइल की रेंज 13 हजार किमी है। इसकी जद में अमेरिका भी है।

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