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‘आप’ की समस्याओं के लिए जिम्मेदार कोई और कैसे, विवादों से है पुराना नाता

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नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। आम आदमी पार्टी एक ऐसी पार्टी जिसे बने जुम्मा-जुम्मा कुछ साल ही हुए और जमकर चर्चा भी बटोरी। भ्रष्टाचार को खत्म करने का दावा और वादा लेकर आई इस पार्टी पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। आम आदमी पार्टी की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि 20 विधायकों को चुनाव आयोग ने अयोग्य करार दिया है। इन विधायकों को लाभ का पद पाने के मामले में अयोग्य घोषित किया गया है। इस बाबत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी भेज दी है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद आप ने इसे साजिश करार दिया और इसका ठीकरा भाजपा के ऊपर फोड़ दिया।
आप का कहना है कि ये सारी साजिश भाजपा की रची हुई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर हुआ है। ऐसा पहली बार नहीं है कि अपनी समस्याओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ा हो। इससे पहले भी कई मामले हो चुके हैं। तो इस रिपोर्ट में हम इसी तरह के मामलों को जानेंगे जिसे करने का आरोप आम आदमी पार्टी पर लगा लेकिन उसने खुद की समस्याओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराया।
पार्टी की हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा
दिल्ली में एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी को मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने अपनी इस हार के ईवीएम मशीन को जिम्मेदार बताया। जब ईवीएम में खराबी का मुद्दा गरम था तब पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में एक ईवीएम जैसी मशीन का डेमो करके दिखाया था कि इस मशीन को कैसे हैक किया जा सकता है।
दिल्ली में कानून पास नहीं तो एलजी जिम्मेदार
ऐसे कई मौके आए जब आम आदमी पार्टी ने अपनी करनी के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहराया। खुद की जिम्मेदारियों से भागने वाली पार्टी ने दिल्ली में अगर कोई कानून पास नहीं हुआ तो इसके लिए उपराज्यपाल को जिम्मेदार ठहरा दिया। दिल्ली के पूर्व एलजी नजीब जंग से तो आप की जंग तब तक चली जब तक वो अपने पद पर रहे। अब हाल के ही मामले को ले लें तो ठंड से 44 बेघरों की मौत हो गई थी तो इसके लिए भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलजी को जिम्मेदार ठहरा दिया था।
भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो दूसरी पार्टियों की साजिश करार दिया
आम आदमी पार्टी के सदस्य रहे कपिल मिश्रा ने जब पार्टी में हो रहे भ्रष्टाचार के आरोप लगाए तो उन्हें दूसरी राजनीतिक पार्टी का एजेंट करार देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। कपिल मिश्रा आज भी अरविंद केजरीवाल पर लगाए आरोपों पर कायम हैं और समय समय पर निशाना साधते रहते हैं।
सतेंद्र जैन के घर छापा पड़ा तो सीबीआई और केंद्र सरकार को दोषी ठहरा दिया
कपिल मिश्रा ने जब स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए तो सीबीआई ने इस कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केस दर्ज कर उनके घर छापेमारी की। इस एक्शन पर पार्टी ने इसका ठीकरा सीबीआई और केंद्र में मोदी सरकार पर फोड़ दिया।

दिल्ली में  प्रदूषण के लिए दूसरे राज्य जिम्मेदार
हाल ही में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया था। इसके लिए भी आप ने हरियाणा और पंजाब को जिम्मेदार ठहरा दिया था। इसके साथ ही प्रदूषण स्तार बढ़ने पर ऑड ईवन फॉर्मूले को दोबारा से लागू करने की बात की गई जिस पर एनजीटी ने आपत्ति जताई थी लेकिन पार्टी ने एनजीटी को ही कटघरे में खड़ा दिया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट से बढ़कर नहीं है कोई संस्था।
दिल्ली में स्वास्थ्य व्यवस्था बेहाल, जिम्मेदार बाहरी लोग
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल हाल ही में गुरु तेग बहादुर अस्पताल में औचक दौरे पर गए। केजरीवाल और उनके अमले को अस्पताल परिसर में दवा की दुकानों पर लंबी कतारें मिलीं। अल्ट्रासाउंड मशीनों की कमी नजर आई। सीएम ने इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और उनका हाल जाना। उन्होंने लोगों से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी पूछा। केजरीवाल ने अपने इसी दौरे को लेकर ट्वीट किया था। सीएम ने इसके बाद अगले ट्वीट में बताया था कि दिल्ली में कितने फीसद मरीज बाहरी राज्यों के हैं। इस मामले पर भी केजरीवाल की जमकर फजीहत हुई थी।
‘यहां जितने विधायक बैठे हैं। मैं उन सभी से हाथ जोड़कर कहूंगा कि घमंड में कभी मत आना। अहंकार मत करना। आज हम लोगों ने भाजपा और कांग्रेस वालों का अहंकार तोड़ा है। कल कहीं ऐसा न हो कि किसी आम आदमी को खड़ा होकर हमारा अहंकार तोड़ना पड़े। ऐसा न हो कि जिस चीज को बदलने हम चले थे कहीं हम उसी का हिस्सा हो जाएं।’
इन लाइनों को जरा गौर से पढ़िए…ये वही लाइने हैं जो कभी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 2013 के चुनाव परिणाम आने के बाद जंतर मंतर पर पार्टी के विधायकों और समर्थकों को बोलीं थीं। इस बयान के लगभग 5 साल बाद अब उन्हीं पर आरोप लग रहा है कि वो भी उसी राजनीति का हिस्सा हो गए हैं जिसको वो कभी अहंकार बताकर बदलने चले थे।
ये वही आम आदमी पार्टी है जिसने कभी ईमानदारी की कसमें खाईं थीं। जब खुद पार्टी के ही लोग पार्टी में भष्टाचार के आरोप लगाते हैं तो उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। खुद पर लगे आरोपों की सफाई में वो दूसरों को जिम्मेदार ठहरा देती है। आप की समस्याओं के लिए कब तक केजरीवार दूसरों को जिम्मेदार ठहराते रहेंगे।

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