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इमरान खान का पाकिस्तान का PM बनना तय,पढ़िए क्रिकेटर से राजनेता बनने तक का सफर

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नई दिल्ली । पाकिस्तानी सत्ता की ओर रुख करते नजर आ रहे पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के अध्यक्ष इमरान खान पहली बार प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार बन कर उभरे हैं। वोटों की गिनती में इमरान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) सबसे आगे चल रही है। 65 वर्षीय इमरान ने वर्ष 1996 में पीटीआइ का गठन किया था। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की कुर्सी छीनने से लेकर उन्हें जेल की सजा मिलने तक के पीछे इमरान खान का बहुत बड़ा रोल रहा है। पिछले चुनाव के बाद उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन छेड़ा, जिसकी आंधी में नवाज शरीफ को पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी।

क्रिकेटर से राजनीति की दुनिया में कदम रखने वाले इमरान पाकिस्तानी सेना के भी बेहद करीबी माने जाते है। कहा जा रहा है कि चुनाव में उन्हें पाक सेना का पूरा समर्थन हासिल है। यह बात तो जगजाहिर है कि पाकिस्तानी सेना के इशारे पर ही पाक का भविष्य तय होता है। अब जब सेना ही इमरान को प्रधानमंत्री बने देखना चाहती है, तो फिर किसकी मजाल है कि उनका विजय रथ रोक सके।

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान का सफर कैसे क्रिकेट की पिच से राजनीतिक गलियारों तक जा पहुंचा, ये आपको बताते हैं।

शुरुआती जीवन

इमरान खान का जन्म 25 नवंबर, 1952 को लाहौर के एक पश्तून परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी पढ़ाई लाहौर के एचिसन कॉलेज से की थी और साल 1975 में लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। इमरान ने फिलोसफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया।

राजनीतिक सफर

एक क्रिकेटर के रूप में अपने पेशेवर करियर के अंत के कुछ साल बाद खान ने यह स्वीकार करते हुए चुनावी राजनीति में प्रवेश किया था कि उन्होंने इससे पहले चुनाव में कभी वोट नहीं डाला। तब से उनका सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्य परवेज मुशर्रफ और आसिफ अली जरदारी जैसे सत्ताधारी नेताओं और उनकी अमेरिकी और ब्रिटिश विदेश नीति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना रहा है। वर्ष 1996 में इमरान खान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी का गठन किया और उसके अध्यक्ष बने। इसी के साथ वह पाकिस्तान में राष्ट्रीय नेता बनकर उभरे। 2002 में उन्होंने पहली बार नेशनल असेंबली का चुनाव लड़ा और 2007 तक मियांवाली से विपक्षी नेता बनकर रहे। 2013 में वह फिर संसद पहुंचे। तभी उनकी पार्टी पाकिस्तान में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।

उनकी पार्टी उत्तर-पश्चिम प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में गठबंधन सरकार में शामिल रही है। इमरान तीसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने पिछले आम चुनाव में नवाज शरीफ पर धांधली का आरोप लगाया था। साल 2013 में इमरान की पार्टी ने पहली बार खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में सरकार बनाई थी। इस बार के चुनाव में इमरान ‘न्यू पाकिस्तान’ बनाने के नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरे थे। इमरान ने पाकिस्तान की जनता को भ्रष्टाचार से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया है।

खिलाड़ी के रूप में इमरान खान

इमरान खान ने 13 साल की उम्र में ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। पहले वह अपने कालेज के लिए खेलते थे और फिर वोरसेस्टरशायर क्रिकेट क्लब के लिए खेलने लगे। 18 साल की उम्र में वह पहली बार पाकिस्तान टीम की ओर से 1971 में बर्मिंघम की इंग्लिश सीरीज में खेले। ऑक्सफोर्ड से स्नातक होने के बाद इमरान खान 1976 में पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम में शामिल हुए। उनका क्रिकेट खेलने का सफल दौर लगातार 1992 तक जारी रहा। वह 1982 से लगातार दस साल तक कप्तान भी रहे। उन्होंने ही 1992 में पाकिस्तान को क्रिकेट व‌र्ल्ड कप भी जिताया। क्रिकेट से रिटायर होने के बाद उन्होंने अपनी मां की याद में 2.5 करोड़ डॉलर जुटाकर 1994 में लाहौर में एक कैंसर अस्पताल बनवाया। उसके बाद 2015 में दूसरा अस्पताल पेशावर में बनवाया। इस बीच खान ने क्रिकेट कमेंट्री का काम जारी रखा। वह वर्ष 2005 से 2014 तक ब्रैडफोर्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर भी रहे। 2012 में उन्हें रायल कालेज ऑफ फिजिशियंस की आनरेरी फेलोशिप भी मिली।

तीन शादियां कर चुके हैं इमरान

इमरान खान तीन शादियां कर चुके हैं। पहली शादी उन्होंने साल 1995 में ब्रिटिश नागरिक जेमिमा गोल्डस्मिथ से की थी। हालांकि 2004 में दोनों ने तलाक ले लिया। इसके बाद इमरान ने 2015 में टीवी एंकर रेहम खान से दूसरी शादी की, ये शादी महज 10 महीने चली और दोनों अलग हो गए। तीसरी शादी उन्होंने इस साल बुशरा से की।

– इमरान का ड्रग कनेक्शन

इमरान सबसे ज्यादा जिसके लिए विवादों में रहे वह था उनके ड्रग्स का सेवन करना। उनकी टीम के ही कई खिलाड़ियों ने इसका जिक्र किया था कि इमरान ड्रग्स लेते हैं। 1987 में पाकिस्तान के वरिष्ठ खिलाड़ी कासिम उमर ने कहा था कि इमरान ड्रग्स लेते हैं। यही नहीं उन्होंने यहां तक कहा कि टीम के अन्य खिलाड़ी भी इसका सेवन करते हैं। हालांकि मामले की जांच हुई और बाद में इसे मामले को बंद कर दिया गया।

– अय्याशी करने का लगा आरोप

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के एक और वरिष्ठ खिलाड़ी यूनिस अहमद ने इमरान खान पर अय्याश होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि कोलकाता में भारत के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच के बाद इमरान की परिचित दो लड़कियों ने पूरी टीम के लिए पार्टी रखी। जिसमें ड्रग्स का सेवन भी हुआ। यूनिस का कहना था कि उसी पार्टी में उन्हें इमरान के कई लड़कियों के साथ संबंधों के बारे में पता चला।

अड़ियल और बदमिजाज

नब्बे के दशक में पाकिस्तान किक्रेट के कई खिलाड़ी इमरान को अड़ियल और बदमिजाज मानते थे। 1993 में जावेद मियांदाद ने खुलेआम इमरान को अक्खड़ और बदमिजाज बताया था। साथ ही इमरान ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया है कि वो मैच के दौरान गेंदों से छेड़छाड़ करते रहे हैं।

महिलाओं से संबंध

लड़कियों के बीच इमरान खान हमेशा लोकप्रिय रहे हैं और आए दिन उनके अफेयर्स की भी चर्चा उड़ती रही है। इन अफेयर्स की लिस्ट में सबसे बड़ा नाम पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो, भारत की मशहूर अदाकारा जीनत अमान और अरबपति उद्योगपति की बेटी सीता व्हाइट का रहा है। सीता व्हाइट ने तो आरोप भी लगाया था कि इमरान से उन्हें एक बेटी है। हालांकि इमरान हमेशा इस आरोप को झूठ बताते रहे।

पूर्व पत्नी रेहम को लेकर चर्चा में

इन दिनों इमरान खान अपनी पूर्व पत्नी रेहम खान को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। दरअसल, हाल ही में उनकी दूसरी पत्नी रेहम खान ने अपनी एक किताब में इमरान खान से जुड़े कई विवादित खुलासे किए है। 10 महीने चले इस रिश्ते के बारे में हाल ही में इमरान ने कहा था कि, रेहम से शादी करना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने इमरान के 5 नाजायज बच्चों और अपनी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं से शारीरिक संबंधों का जिक्र भी किया है।

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