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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

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इलाहाबाद: उच्च न्यायालय ने वर्ष 1999 की एक घटना के संबंध में गोरखपुर के तत्कालीन सांसद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ दर्ज एक आपराधिक शिकायती मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका आज खारिज कर दी.संबद्ध पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल ने समाजवादी पार्टी के नेता तलत अजीज की तरफ से दायर पुनरीक्षा याचिका खारिज कर दी. इस याचिका में आरोप था कि तलत अजीज ने 10 फरवरी, 1999 को महाराजगंज में एक बैठक बुलाई थी जहां गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ पहुंचे और अड़चन पैदा की जिससे अंततः हिंसक टकराव हुआ.बंगले में ‘अवैध निर्माण’ को सपा ने बताया झूठ, कहा- मुद्दों से ध्यान भटका रही BJPआरोप है कि उस हिंसक टकराव में तलत अजीज की सुरक्षा में तैनात पुलिस के हेड कांस्टेबल सत्य प्रकाश की गोली लगने से मौत हो गई थी. इसके बाद, तलत अजीज ने कोतवाली महाराजगंज पुलिस थाना में योगी और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमीकि दर्ज कराई. इसी के तरह, कोतवाली महाराजगंज के तत्कालीन एसएचओ बीके श्रीवास्तव ने भी योगी और 21 अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 153ए और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई.भारी बारिश के चलते NH-24 की सड़क धंसी, 26 सौ करोड़ की लागत से बन रहा हाईवेवहीं दूसरी ओर, उसी घटना के संबंध में तीसरी एफआईआर तत्कालीन सांसद योगी द्वारा तलत अजीज और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज कराई गई थी जिसमें तलत अजीज एवं कुछ अन्य लोगों द्वारा हमला करने का आरोप लगाया गया. इसका नतीजा ये हुआ कि, इस मामले को जांच के लिए सीबीसीआईडी को सौंपा गया जिसने अंतिम रिपोर्ट लगाकर इस मामले को बंद कर दिया.योगी आदित्‍यनाथ पर हो सकता है आतंकी हमला, अलर्ट जारीइस रिपोर्ट से नाराज तलत अजीज ने अंतिम रिपोर्ट को चुनौती दी और इसके खिलाफ महाराजगंज के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष याचिका दायर की. तलत अजीज की इस विरोध याचिका को आपराधिक शिकायत के तौर पर लिया गया। हालांकि मजिस्ट्रेट ने 13 मार्च, 2018 को इस शिकायती मामले को खारिज कर दिया. इसलिए तलत अजीज ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया.

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