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बरेली

एक महिला, 2 शौहर; पंचायत ने कहा-15 दिन इसके और 15 दिन उसके साथ रहो

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बरेली। शादी के चौथे साल में शौहर लईक ने मुझे तलाक दे दिया। बेटे के साथ दो साल तक मैं भटकती रही। फिर बरेली में दूसरी शादी कर नई जिंदगी शुरू की। पिछले साल पूर्व शौहर बेटा छीन ले गया। समझौते का प्रयास किया तो पंचों ने अजीब शर्त रखी। बोले, 15-15 दिन दोनों शौहरों के साथ रह लो। यह बताते हुए अर्शी का गला भर आया।

पुलिस में सुनवाई न होने पर मदद की उम्मीद लेकर अर्शी आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष निदा खान के पास पहुंची हैं। बरेली के रिछा निवासी अर्शी ने बताया कि 2012 में बहेड़ी के लईक से निकाह हुआ था। 2015 में दहेज को लेकर तलाक देकर घर से निकाल दिया। दुधमुंहे बेटे के साथ वह मायके आ गई। 2017 में बरेली में ही दूसरी शादी की। पिछले साल अगस्त में लईक आया और बेटा छीन ले गया।

पुलिस में तहरीर देने और एसएसपी से तीन बार मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला पंचायत में चला गया, जहां पंचों ने फैसला सुना दिया कि 15-15 दिन दोनों शौहर के साथ रह लो। उन्होंने कहा, ‘मैं औरत हूं कोई सामान नहीं जो बांट दिया मुझे।’ तलाक से मुकर गया शौहर अर्शी का आरोप है कि अब तलाक दिए जाने से ही इन्कार कर रहा है। उलटा उसके खिलाफ ही पुलिस में केस दर्ज करा दिया। जबकि, उसने बेटे के अपहरण का जो मुकदमा लिखाया, उस पर कोई कार्रवाई ही नहीं की जा रही है।

घिनौनी सोच जाहिर की गई 
पुलिस पीड़िता की मदद नहीं कर रही है। उनके साथ पहले ही ज्यादती हुई। अब नई जिंदगी शुरू की तो उसे भी बर्बाद किया जा रहा है। बल्कि एक महिला को दो मर्दो में बांटकर घिनौनी सोच जाहिर की गई है।

निदा खान, अध्यक्ष आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी

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