Connect with us

Uttar Pradesh

खतरे के निशान पर पहुंचीं गंगा, बाढ़ के पानी में डूबकर दो युवकों की मौत

Published

on

कानपुर : नरौरा बाध से गुरुवार को 1.86 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पिछले चार दिनों से लगातार बढ़ता गंगा का जलस्तर रविवार सुबह आठ बजे खतरे के निशान पर पहुंच गया। वहीं कटरी क्षेत्र के गावों में बाढ़ से हालात भयावह हो गए हैं, जाजमऊ में बाढ़ के पानी में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

इन दिनों गंगा का बहाव उफान पर है और तटवर्ती गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। रविवार सुबह गंगा का पानी खतरे के निशान पर था। चकेरी थाने के छबीलेपुरवा निवासी सफी उर्फ छोटू (19) अपने दोस्तों इमामुद्दीन, इस्लाम और मोहम्मद तय्यब के साथ बाढ़ देखने के लिए गए थे। जाजमऊ हाट मिक्स प्लाट पर पहुंचने पर वह सभी बाढ़ के पानी में वॉलीबाल खेलने लगे। खेलने के दौरान सफी गहरे गड्डे में डूबने लगा। दोस्त को डूबता देख इमामुद्दीन बचाने गया तो वह भी डूब गया। दोस्तों को बचाने में नाकाम रहे इस्लाम और तय्यब का शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। उनकी सूचना पर आई पुलिस ने गोताखोर बुलाए। गोताखोरों ने दोनों युवकों के शव बाहर निकाले। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम को भेजा है।

बताते चलें कि नरौरा बाध से गुरुवार को गंगा नदी में छोड़े गए 1.86 लाख क्यूसेक पानी के पहुंचने के बाद कटरी क्षेत्र के गावों में बाढ़ की स्थिति है। कटरी और उससे सटे तकरीबन 500 गाव जलमग्न हो गए हैं। घरों में पानी भरने से लोग पलायन कर रहे हैं। शुक्रवार को छोड़ा गया इतना ही पानी रविवार शाम तक पहुंच जाएगा। इसके बाद बाढ़ के और भयावह हो जाने का खतरा बना हुआ है।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!