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Uttar Pradesh

#गोंडा : सीएम साहब ! जरा एक नजर तरबगंज थाने पर भी डालिये जहाँ खाकी ही कर रहे हैं कानून को शर्मसार

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पीड़ित पक्ष पर ही दर्ज किया मुकदमा

गोण्डा। खादी और खाकी का नापाक गठजोड़ देखना हो तो जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र में आइए, जहां के रानीपुर गांव के मजरे छिटिक पुरवा में फर्जी बैनामे की जमीन पर जबरन शौचालय बनाने वाले दबंग पर कार्रवाई न करके सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में इलाकाई पुलिस ने पीड़ित के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया। हद तो तब हो गयी जब सत्ता के दबाव में पुलिस ने एक नाबालिग छात्रा को भी मुलजिम बना दिया। इतना ही नहीं, सत्ता के हाथों का खिलौना बन चुकी बेलगाम पुलिस ने पत्रकार को भी आरोपी बना दिया, जबकि वह दिल्ली में रहकर पत्रकारिता कर रहे हैं। मौजूदा समय भी वह दिल्ली में ही हैं।
प्रदेश की योगी सरकार कानून – व्यवस्था को चुस्त – दुरुस्त करने के लिए चाहे जितना प्रयास कर ले, लेकिन जब तक सियासत के कुछ भ्रष्ट नेता और उनकी जी हुजूरी करने वाले कानून के नुमाइंदे अपना रवैया नहीं बदलेंगे, तब तक कानून शर्मसार होता रहेगा और पीड़ित न्याय के लिए दर – दर की ठोकरें खाते रहेंगे। ऐसा ही एक मामला जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र का भी सामने आया है, जिसमें खाकी और खादी का नापाक गठजोड़ उजागर हुआ है। दरअसल, तरबगंज के ग्राम रानीपुर के छिटिक पुरवा में स्थित भूमि गाटा संख्या – 530 का श्यामता पत्नी राम सुमिरन, तारा देवी पत्नी राम शंकर, हरीराम पुत्र छबिलाल, शिवराम पुत्र राम शंकर, जगदेव प्रसाद पुत्र कन्हैया लाल व इन्द्रावती संक्रमणीय भूमिधर हैं। उक्त भूमिधरी की हिस्सेदार इन्द्रावती ने वर्ष 2017 में अपने हिस्से की जमीन को अन्य हिस्सेदारों की सहमति पर दिशा दिखाकर गांव के नासिर की जमीन के सामने वाले हिस्से को नीरज देवी पत्नी शिव बहादुर को बैनामा कर दिया, जो नासिर को नागवार गुजरा।आरोप है कि कब्जे की नीयत की मंशा को अंजाम देने के लिए उसने जमीन के एक हिस्सेदार जगदेव के बेटे राम सुरेमन से साठगांठ करके कूटरचित तरीके से गायब जगदेव के हिस्से की भूमि को राम सुरेमन से फर्जी बैनामा करवा लिया। पीड़ित नीरज देवी ने लिखित रूप से सारे प्रकरण को 4 अप्रैल 2018 को प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश के सामने रखा, जहाँ से डीएम को जांच कराकर शीघ्र उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
पीड़ित नीरज देवी के पत्रकार पुत्र नवल किशोर पाण्डेय का कहना है कि थाने से प्रमुख सचिव और डीएम को गुमराह करते हुए मनमानी रिपोर्ट दे दी गई।पीड़ित पत्रकार का कहना है कि यहां खाकी और खादी के गठजोड़ का खुलासा तब हुआ, जब सत्तापक्ष के एक नेता के इशारे पर 22 जुलाई 2018 को पुलिस ने कायदे कानून को ताक पर रखकर व्यक्तिगत रूचि लेते हुए विवादित जमीन पर खुलेआम शौचालय का निर्माण करवा दिया।

👉पुलिस ने नाबालिग छात्रा को भी बना दिया मुल्जिम !

पीड़ित पत्रकार नवल किशोर पाण्डेय का आरोप है कि तरबगंज थाने की पुलिस ने फर्जी बैनामे की जमीन पर पहल सत्तापक्ष के नेताओं के इशारे पर जबरन दबंगों का अवैध कब्ज़ा करवाया, बाद में डायल 100 को भेजकर झूठी हमदर्दी भी दिखाई गयी। यहां सबसे बड़ी बात यह है कि इलाकाई पुलिस ने कानून का नंगा नाच नाचते हुए पीड़ित परिजनों को न्याय मुहैया कराने के बजाय दबंगों और सत्ता के हाथों की कठपुतली बनी नजर आयी। उसने सत्तापक्ष के नेता के इशारे पर पीड़ित महिला नीरज व पति शिव बहादुर, राजन पाण्डेय व उसकी नाबालिग पुत्री लक्ष्मी पर भी धारा 323, 504, 506 व 427 के अंतर्गत एकपक्षीय मुकदमा दर्ज कर दिया।
बताते चलें कि पीड़ित पक्ष के शिव बहादुर ने 23 जुलाई को डीएम व एसपी से मिलकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें तथा उनके परिवार को दबंगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने आशंका जताई थी कि सत्ता और पुलिस के गठजोड़ के चलते उसे और उसके परिवार को फर्जी मुक़दमों में फंसाने की भी साजिश की जा रही है। आखिरकार पीड़ित शिव बहादुर पाण्डेय की आशंका सच साबित हुई। शिकायत दर्ज कराने के बाद ही तरबगंज की बेलगाम पुलिस ने पीड़ितों के साथ साथ उनकी नाबालिग पुत्री को भी मामले में घसीट कर मुल्जिम बनाते हुए उस पर भी मुकदमा दर्ज कर दिया।
अमूमन नियम और कानून की दुहाई देने वाली पुलिस यहां सत्ता के हाथों की कठपुतली बनी नज़र आयी। उसने सच्चाई जानते हुए भी सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव में न सिर्फ दूसरे की जमीन पर जबरन कब्जा कराते हुए शौचालय का निर्माण करा दिया, बल्कि कानून को ठेंगा दिखाते हुए फर्जी मुकदमा भी दर्ज कर दिया। हालांकि, सत्ता के दबाव में पुलिस द्वारा गैरकानूनी तरीके से किया गया यह कार्य अब उसके गले की फांस बनता जा रहा है। खादी और खाकी के नापाक गठजोड़ का शिकार हुए पत्रकार नवल किशोर पाण्डेय चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही, पुलिस प्रमुख ओपी सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, केन्द्रीय गृहमंत्री, प्रदेश के प्रमुख सचिव तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को पूरे प्रकरण से सम्बंधित दस्तावेज भेजकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

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