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चित्रकूट

छात्रों के अपहरण के मामले में पुलिस के हाथ नहीं लग रहे सुराग

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चित्रकूट- उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में संचालित हो रहे नामचीन ट्रस्ट सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के शिक्षण संस्थान सद्गुरु पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में मंगलवार को भरीदोपहर तेल व्यापारी के २ जुड़वाँ बेटो को अज्ञात बाइक सवारों ने विद्यालय प्रांगण में तमंचे के नोक पर बस में चढ़कर अगवा कर लिया था जिस मामले में २४ घंटे से ज़्यादा बीत जाने के बावजूद सतना व चित्रकूट पुलिस के हाथ दूसरे दिन भी खाली है ।आपको बता दे कि कल सद्गुरु पुलिस हिहिर सेकेंडरी स्कूल से तेल कारोबारी ब्रजेश रावत के दो जुड़वा बच्चो का अपहरण हो गया था जिसमे अब 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत गया है लेकिन पुलिस अभी तक कोई भी सुराग नही लगा पाई है। मामले में यूपी और एमपी की पुलिस मिलकर अपहरणकर्ताओं का सुराग लगाने में जुटी थी लेकिन अभी एम पी और यूपी की पुलिस अपहरण के कारण व आरोपियों के सुराग लगाने में किसी भी पहलू पर नही पहुँच पाई है जिससे परिजन में दहशत का माहौल छाया हुआ है और छोटे बच्चो को घर मे कैद किये हुए है। अभी तक पुलिस द्वारा कुछ भी पता न लगा पाने के कारण परिजनों ने खुद ही मीडिया के माध्यम से अपहरणकर्ताओं से अपील की है कि जो भी उनके बच्चो का अपहरण किया है वो उनसे संपर्क करे और उनके बच्चो को सकुशल वापस कर दे उनकी जो भी मांगे है पूरी की जाएगी। फिलहाल परिजनों के पास अभी तक कोई भी फिरौती का फोन नही आया है लेकिन अपहरण का कारण वह व्यावसायिक रंजिश मान रहे है। वही घटना के बाद से रीवा रेंज के डीआईजी व सतना एसपी सहित नया गांव थाने में भारी फोर्स सहित डेरा डाले हुए है और घटना के अनावरण के लिये तमाम प्रयास कर रहे है। वही मामले में रीवा रेंज के डीईजी अविनाश शर्मा का कहना है कि 12 दल की राजपत्रित अधिकारियों की टीम गठित की गई है जो लगातार विवेचना कर रही है जल्द ही बच्चो को छुटाने में सफलता मिलेगी अभी कुछ भी सुराग मिलने को सार्वजनिक करना ठीक नही होगा विवेचना का विषय है विवेचना की जा रही है । वहीँ मामला उत्तर प्रदेश सीमा से जुड़ा हुआ होने की वजह से चित्रकूट पुलिस भी काफी नाकेबंदी कर जंगलो में कॉम्बिंग कर रही है और हाल ही शहर के अंदर प्राइवेट लोगो को डिजिटल वालंटियर बनाया गया था पुलिस उन २५० डिजिटल वालंटियर के माध्यम से भी अपहरणकर्ताओं और बच्चो की सुराग इकठ्ठा करने में मदद ले रही हैं, यूपी एमपी बॉर्डर से सटे हुए गांवो में भी पुलिस की नज़ारे बनी होने के बावजूद अभी तक मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश तक की खाकी ख़ाक ही छान रही हैं। मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने बच्चो की सूचना या बरामदगी करवाने वाले शख्स को ५० हज़ार रूपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस इधर दर बदर की ठोकरे खा ही रही थी की अचानक सोशल मीडिया में एक विडिओ वायरल होने लगा जिसमे अपहरणकर्ताओं के हुलिए से हूबहू मिलते जुलते २ लड़के दिखाई दिए जो सीसीटीवी फुटेज में वही हुलिया के लोग दिख रहे हैं, जो कि घटना के २ घंटे बाद शहर के व्यस्ततम चौराहे बेड़ीपुलिया में सड़क एक्सीडेंट में नोकझोक करते दिखाई दे रहे हैं। परिजनों के मुताबिक़ ये दोनों वहीँ शख्स है जिन्होंने उनके बच्चो का अपहरण किया है। हालांकि अगर ये वही शख्स हैं तो ये अपहरण एक और अलग मोड़ लेता दिखाई दे रहा हैं जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये अपहरणकर्ता बच्चो को किसी और को सौंपकर भाग रहे थे फिलहाल यह जांच का विषय है जिसमे चित्रकूट एसपी ने संदेह जताया है तो एसपी सतना ने इस विडिओ में नज़र आने वाले हूबहू शख्स को अपराधी होने से इंकार किया है। वहीँ विद्यालय प्रबंधन घटना से स्तब्ध है और २ दिनों का अवकाश कर बच्चो की तलाश में परिजनों के साथ दरबदर भटक रहा है।

बाइट-१- अविनाश शर्मा (डीआईजी रीवा रेंज मध्य प्रदेश)
बाइट- २- मनोज कुमार झा (एसपी चित्रकूट उत्तर प्रदेश)
बाइट- ३- संतोष सिंह गौर (एसपी सतना मध्य प्रदेश)
बाइट- ४- बस कंडक्टर
बाइट- ५- परिजन
बाइट- ६- प्रेम रावत (बच्चो के बड़े पिता)
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