Connect with us

जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में 2990 उम्मीदवारों के भाग्य का होगा फैसला

Published

on

जम्मू-कश्मीर में आतंकी धमकियों व जम्मू में भारी उत्साह के बीच चार चरणों में हुए लोकतंत्र के महायज्ञ (निकाय चुनाव) की पूर्णाहुति (मतगणना) शनिवार को होगी। राज्य के सभी 22 जिला मुख्यालयों में बनाए गए मतदान केंद्रों में करीब छह लाख वोटों की गिनती के साथ ही 2990 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला भी हो जाएगा।

मतगणना दोपहर तक पूरी होने की संभावना है। चुनाव परिणाम की घड़ी नजदीक आते ही प्रत्याशियों के साथ-साथ हर आम और खास के दिलों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। काउंटिंग सेंटरों में स्थापित कंट्रोल रूम को अति संवेदनशील घोषित कर वहां पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। मतगणना केंद्र में उम्मीदवार, उनके काउंटिंग एजेंटों को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को जाने की इजाजत नहीं होगी।

मीडिया कर्मियों को मतगणना केंद्रों में जाने के लिए चुनाव आयोग के विशेष कार्ड दिए गए हैं। राज्य में आठ अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक चार चरणों में 79 नगर निकाय के 1145 वार्डो के लिए करीब छह लाख मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया था।

राज्य में 35.1 फीसद मतदान के बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनें जिला मुख्यालयों में बने कंट्रोल रूम में रखकर उन्हें सील कर दिया गया था। कंट्रोल रूम शनिवार सुबह संबंधित डिप्टी कमिश्नरों की मौजूदगी में खोलकर ईवीए गिनती के लिए काउंटिंग सेंटरों तक पहुंचाई जाएंगी।

मतगणना की निष्पक्षता के लिए कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। मुख्य निवार्चन कार्यालय ने मतगणना संबंधी शिकायतों कर कार्रवाई करने के लिए 22 जिलों में 23 कंट्रोम रूम स्थापित किए हैं। मुख्य निवार्चन अधिकारी शालीन काबरा, पर्यवेक्षक व माइक्रो आब्जरवर्स काउंटिंग सेंटरों में मतगणना पर कड़ी नजर रखेंगे। शुक्रवार को श्रीनगर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मतगणना केंद्रों की सुरक्षा की समीक्षा करने के साथ वोटों की गिनती के लिए की गई तैयारियों पर भी चर्चा करेंगे।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!