Connect with us

Jaunpur

जौनपुर : प्रार्थना सभा स्‍थल पर हिंदू संगठनों ने किया कब्‍जा, माैके पर पुलिस बल तैनात

Published

on

 

जौनपुर [ओपी पाण्डेय] चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव स्थित ईसाई उपासना स्थल के कथित चर्च में चल रही ईसाइयत की प्रार्थना का सिलसिला 11 साल बाद रविवार को आखिरकार टूट गया। धर्म परिवर्तन से आहत क्षत्रिय महासभा समेत हिंदू संगठनों ने हल्ला बोलते हुए चर्च पर कब्जा कर लिया। इसके बाद प्रार्थना की तैयारी में जुटे कर्मियों में हड़कंप मच गया। भीड़ देख लोग पहले तो अनुयायी दो दो हांथ करने को बढ़े लेकिन माहौल देख सभी वहां से भाग खड़े हुए। थोड़ी ही देर बाद चर्च परिसर भगवा झंडे से पट गया।

पुलिस बल तैनात

तनाव देखते हुए वहां कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई। फायर ब्रिगेड को भी मौके पर भेज दिया गया। प्रार्थना के लिए वहां पहुंचने वाले अनुयायियों और पुलिस फोर्स में धक्का-मुक्की भी हुई। सुबह होते ही दूर-दराज से आने वाले अनुयायी चर्च की ओर पहुंचने लगे थे। गेट पर पहुंचने से पहले ही पुलिस वालों ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया। इसके बाद सभी गेट के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में जुटने लगे। भीड़ जमा हुई तो वहां पहुंची कुछ महिलाएं जबरन भीतर घुसने लगीं। कुछ तो वहीं सड़क पर लेट गईं। उनको रोकने के प्रयास में पुलिस से धक्का-मुक्की होने लगी। कुछ ने ईंट पत्थर भी चलाये। इस पर वहां मौजूद महिला पुलिस ने सभी को खदेड़ दिया। भीतर प्रार्थना सभा तक जाने में सफलता नहीं मिली तो सभी अलग-अलग झुंड बनाकर बैठ गए। दो युवतियों ने वहीं उनकी प्रार्थना कराने का प्रयास किया तो पुलिस ने वहां से डपट कर भगा दिया। काफी अनुयायी इधर-उधर छिप कर बैठे थे कि पुलिस के हटते ही प्रार्थना शुरू कर दी जाए।

पुलिस ने दिखाई सख्‍ती

हालांकि उन्हें बिना प्रार्थना किए बौरंग लौटना पड़ा। इसी दौरान क्षत्रिय महासभा ने वहां नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया। मांग उठाई कि उपजिलाधिकारी केराकत आकर इस प्रार्थना स्थल‌ को सीज करें, लेकि‌न कोतवाल शशिभूषण राय ने आश्वासन दिया कि अब यहां प्रार्थना नहीं होगी। इसके बाद महासभा के लोग वापस चले गए। 11 वर्षों के इतिहास में पहली बार प्रार्थना भंग हुई तो क्षेत्र में चर्चा भी गरम हो गई।

भूलनडीह! तब से अब तक

भूलनडीह गांव में सक्रिय ईसाई मिशनरी ने 11 वर्षों से जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर के जिलों के 250 गांव में अपना नेटवर्क फैला रखा है। दस हजार से अधिक अनुयायी हर रविवार व मंगलवार को प्रार्थना के लिए गांव में जुटते हैं। अंधविश्वास और जादुई पानी के जरिए करिश्मे का विस्तार अपने ही परिवार से शुरू करने वाले दुर्गा यादव के इस कारनामे को निर्वाण टाइम्स ने पहली बार 17 जुलाई आैर 24 जुलाई काे उठाया था। इससे हिन्दू संगठनों में हड़कंप मच गया। पहले ताे कुछ हिंदूवादी संगठनाें ने चंदवक थाने में तहरीर देने की काेशिश की किंतु पुलिस ने नजरअंदाज कर दिया।

दर्ज कराया गया था मुकदमा

इसके बाद दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता बृजेश ने 156/3 के तहत दुर्गा यादव समेत 271 लोगों पर मामला दर्ज कराया। विवेचक बदलने और मुकदमे में आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर लीपापोती का आरोप भी लगा। निर्वाण टाइम्स ने जनप्रतिनिधियाें के बयान के साथ खबर को प्रमुखता से उठाता रहा। कार्यशैली पर सवाल उठने और गर्दन फंसती देख पुलिस हरकत में आ गई। इसके बाद एक सप्ताह पहले मुखबिर की सूचना पर लाइन बाजार पुलिस ने फूलपुर निवासी रत्नेश, मड़ियाहूं कोतवाली अंतर्गत कटेसर निवासी जियालाल, मोकलपुर निवासी राजेंद्र और सुजानगंज के मनोज को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि मुख्य पादरी दुर्गा यादव अभी फ़रार है और उसकी तलाश में दबिश पड़ रही है।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!