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Uttar Pradesh

#जौनपुर : बीएचयू के शोध छात्रों ने किसानों को किया जागरूक

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घर जैविक खाद बनाने के बताये तरिके

करंजाकला नदियापारे छबीलेपुर में संगोष्ठी का आयोजन

निशुल्क जैव उर्वरक घोल एवं पैकेट किया वितरित

जौनपुर। काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के शोध छात्रों ने करंजाकला विकासखंड के किसानों को जैविक खाद बनाने के प्रति जागरुक किया। संगोष्ठी का आयोजन कर किसानों को निशुल्क जैव उर्वरक एवं पैकेट वितरित किया और उत्पादन में वृद्धि करने के लिए ट्रेनिंग दिया।

बीएचयू पर्यावरण एवं धारणीय विकास विभाग के जैव उर्वरक पर शोध कर रहे छात्रों ने करंजाकला , छबीलेपुर नदियापारे गांव में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया। जैव प्रौद्योगिकी विभाग विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दिया। संगोष्ठी में संचालक बीएचयू के असिस्टेंट प्रो. जे पी वर्मा, डॉ पीसी अभिलाष के निर्देशन में शोध छात्र गोवर्धन चौहान, दुर्गेश जायसवाल, आनंद कुमार गौरव ने किसानों को जैविक खाद के उपयोग करने से लाभ, नुकसान के बारे में बताया। समय-समय पर मिट्टी जांच कराने की सलाह दी। घर पर ही जैविक खाद तैयार किया जा सकता है। इसमें सूक्ष्मजीवो का मूल कार्य होता है। जिन्हें लैव से तैयार किया जाता है। जैविक खाद के प्रयोग से गेहूं के अलावा धान चना मटर और अरहर कन्द सरसों सब्जियों में किया जाता है। रोपण के पूर्व बीज का उपचार करते हैं ।वही पौधों मिट्टी का उपचार करते हैं। जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ अनाज के दाने सुडौल और स्वस्थ खनिज तत्व अधिक और खाने में स्वाद की वृद्धि होती है। जिससे किसान का पूरा परिवार स्वस्थ रहता है ।इसके अलावा रसायनिक खाद के साथ साथ तमाम बीमारियों से भी बचा जा सकता है। संगोष्ठी में अनुसूचित जाति एवं जनजाति के किसानों को विशेष ट्रेनिंग दी गई। किसानों को निशुल्क जैव उर्वरक एजोटोबैक्टर, प्सूडोमोनस, एजोस्पिरिलुम, बेसिलस जैव कीटनाशक ट्राइकोडर्मा का घोल एवं पैकेट दिया । इस मौके पर प्रधान जंगबहादुर यादव, लालजी यादव, दिनेश कुमार, राजेश गुप्ता, घनश्याम सिंह, आलोक मिश्रा, धीरेन्द्र, बाकेलाल , सुरेंद्र सिंह, मौजूद रहे।

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