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तपस्थली में ‘अन्नपूर्णा’

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इलाहाबाद : ‘कोई व्यक्ति भूखा न रहे, सबको उचित सम्मान मिले।’ माघ मेला क्षेत्र में यह संकल्पना इन दिनों साकार हो रही है। संगम तट आने वाले श्रद्धालु भूखे न रहें उसके लिए कुछ शिविर में दिनभर भंडारा चलता है।

ओम वाहेगुरु ऋषि आश्रम में सुबह, दोपहर, शाम सत्यम जी की देखरेख व हरिबंस सिंह साहिब के नेतृत्व में अलग-अलग मेन्यू से भंडारा चलता है। खाने के लिए स्टील के बर्तन संस्था देती है। भंडारा में संतों व श्रद्धालुओं को सम्मान बैठाया जाता है, फिर उन्हें स्वादिष्ट व्यंजन परोसते हैं। काली मार्ग स्थित स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्माचारी के शिविर में योगी हर्षचैतन्य ब्रह्माचारी की देखरेख में प्रतिदिन भंडारा चलता है। दंडी स्वामीनगर में स्वामी महेशाश्रम, स्वामी ब्रह्माश्रम सुबह व शाम भंडारा में भोजन कराकर संन्यासियों को दक्षिणा देते हैं। वहीं सच्चा बाबा आश्रम में स्वामी मनोज ब्रह्माचारी भंडारा चलाते हैं। रामानुज मार्ग स्थित स्वामी विश्वस्वरूप ब्रह्माचारी के शिविर में प्रतिदिन भंडारा चलता है। खाकचौक में जगद्गुरु बिनैका बाबा, महामंडलेश्वर कपिलदेव नागा, स्वामी रामतीर्थ दास, महामंडलेश्वर संतोष दास, परमहंस प्रभाकर जी महाराज, ओम नम: शिवाय आश्रम आदि शिविरों में भंडारा चलता है।

यह है मेन्यू

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ओम वाहेगुरु ऋषि आश्रम

-सुबह सात बजे : दूध, चाय, ब्रेड, बंद व पकौड़ा।

-दिन में 11 बजे : दाल, चावल, रोटी, सब्जी, मिठाई व अचार।

-शाम चार बजे : दूध, फल।

-शाम छह बजे : दाल, रोटी, सब्जी।

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ओम नम: शिवाय

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-सुबह से लेकर शाम तक पूड़ी, सब्जी चावल। जबकि शाम को खीर का वितरण होता है।

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स्वामी हरिचैतन्य के शिविर में

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सुबह पूड़ी, सब्जी, दाल, चावल, चटनी व अचार का वितरण होता है। जबकि शाम को रोटी, सब्जी, चावल खिलाया जाता है। हर संन्यासी को दक्षिणा दी जाती है।

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सच्चा बाबा आश्रम

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संत मनोज की देखरेख में सुबह दूध व चाय वितरित होती है। जबकि दोपहर में पूड़ी सब्जी, रायता व खिचड़ी का वितरण होता है, साथ में दक्षिणा देते हैं।

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दंडी स्वामीनगर

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स्वामी महेशाश्रम के शिविर में दोपहर में सब्जी, पूड़ी, चावल व दाल खिलाते हैं। स्वामी ब्रह्माश्रम के शिविर में चाय, पूड़ी व मिष्ठान का वितरण होता है।

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