Connect with us

Uncategorized

तो प्रेम त्रिकोण व अवैध संबंधों के चलते ही हुई थी राकेश की हत्या

Published

on

 

*राकेश की मौत के राज से उतरी रहस्य की चादर*

*हाई प्रोफाइल मामले का पुलिस ने किया एक अभियुक्त की गिरफ्तारी के साथ राजफाश*

आलापुर अंबेडकरनगर– राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के पदुमपुर बाजार में किराना व्यवसायी राकेश जायसवाल की गोली मारकर की गई हत्या मामले मे मौत के रहस्य से पुलिस ने उठाया पर्दा। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने आज रविवार को जब मामले का राजफाश किया तो मामले में पहले से लगाई जा रही अटकले आशंकाये व अफवाहे ही हुई सच साबित। प्रेम त्रिकोण व अवैध संबंध के चलते ही हुई थी राकेश कुमार जायसवाल की हत्या। मृतक राकेश जायसवाल का आशिक मिजाज होना ही उसकी मौत की बना वजह। जिस युवती से राकेश का था संबंध व होती थी निरन्तर बातचीत व मुलाकात उसी युवती का पहले से ही राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के ही कोटिया मुबारकपुर गांव निवासी दिग्विजय उर्फ टाईगर का भी था प्रेम संबंध। प्रेम संबंधों में राकेश की दखल टाईगर को लग रहा था काफी नागवार। जिससे आहत व नाराज टाईगर राकेश के लिए बन गया यमराज। राकेश ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिल कर दी राकेश जायसवाल की गोली मारकर हत्या। हत्याकांड के बाद मामले के राजफास की कोशिशों में जुटी थी जनपद की पुलिस। राजेसुल्तानपुर थानाध्यक्ष अशोक सरोज ने अपने हमराह आरक्षियों के साथ आरोपी टाईगर को किया था गिरफ्तार। जिसे आज पुलिस अधीक्षक द्वारा खुलासा किए जाने के बाद भेजा गया जेल। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व आला कत्ल भी पुलिस ने किया है बरामद। बता दें कि बीती दो जुलाई की देर शाम राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के पदुमपुर बाजार में किराना व्यवसायी राकेश जायसवाल पुत्र आत्माराम जायसवाल की बदमाशों ने गोली मारकर कर दी थी हत्या। पुलिस ने तीन अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध दर्ज किया था हत्या का मुकदमा। राकेश की हत्या के अगले दिन घटना के विरोध में बाजार वासियों ग्रामीणों व विभिन्न विपक्षी सियासी दलों से जुड़े लोगों ने मार्ग जाम कर किया था प्रदर्शन। प्रदर्शन के दौरान हुआ था जमकर बवाल, सीओ के के मिश्रा को आई थी काफी चोटें। इस हाई प्रोफाइल मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने सीओ सदर धर्मेंद्र सचान के नेतृत्व में किया था आठ टीमों का गठन। सीओ सदर धर्मेंद्र सचान,आलापुर के के मिश्र, थानाध्यक्ष अशोक सरोज, उपनिरीक्षक मोहम्मद अरशद, हीरालाल यादव,रामजीत राम आदि की पृथक पृथक टीमें कर रही थी विभिन्न पहलुओं की पडताल। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र खुद कर रहे थे पूरे मामले का पर्यवेक्षण। मजबूत साक्ष्य के साथ पुलिस करना चाहती थी हाई प्रोफाइल हत्याकांड का राजफास।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!