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Uttar Pradesh

नशे की गिरफ्त में जकड़ी मासूम बच्चियों की आबरू की कीमत 20 रुपये

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बरेली। नशे की गिरफ्त में जकड़े रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले मासूमों के साथ दरिंदगी की जाती थी। महज 20-30 रुपये का लालच देकर उनका शारीरिक शोषण होता था। दैनिक जागरण की मुहिम पर प्रशासन जागा और सोमवार सुबह ही चाइल्ड लाइन की टीम ने स्टेशन पर रहने वाले पांच बच्चों को रेस्क्यू किया। इनका जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। दो बच्चियों ने यह चौंकाने वाली आपबीती बयां की है। दोनों का गर्भ परीक्षण भी किया गया।

चाइल्ड लाइन की टीम सुबह पांच बजे जंक्शन पहुंची। आकाश दिवाकर, कंचन गंगवार, शैरी मुशर्रफ, रिया की टीम ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और झुग्गी में तलाश कर पांच बच्चों (चार लड़की और एक लड़का) को रेस्क्यू किया। इनके पास से नशे के लिए सूंघने में काम आने वाले पांच ट्यूब, एक पैकेट तंबाकू बरामद की। नशे की मात्रा जानने के लिए जिला अस्पताल में टेस्ट कराया। इसके साथ ही दोनों बच्चियों का गर्भ परीक्षण भी कराया गया। हालांकि, गर्भ परीक्षण की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

मुल्ला नाम का व्यक्ति रात में करता था शोषण

मेडिकल के बाद सभी को बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. डीएन शर्मा और जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार के समक्ष पेश किया गया। बच्चियों ने बताया कि कई बार झुग्गी मे रहने वाले अन्य लोग उन्हें 20-30 रुपये का लालच देकर सुनसान जगह पर ले जाकर गंदी हरकत करते हैं। एक मुल्ला जी उन्हें रहने-खाने के लिए दिया करते थे। जब वे रात को नशे में सो जाती थीं, तो उनके साथ गंदी हरकत की जाती थी। सुबह उठने पर कपड़े गंदे और अस्त-व्यस्त होते थे। प्रशासन दोनों बच्चियों को उनकी मां के सुपुर्द करने और अन्य तीनों को बाल गृह भेजने की तैयारी में है।

इनका कहना है…

आरोप लगाने वाली दोनों बच्चियों को विधिक कार्रवाई के तहत उनकी मां के सुपुर्द किया जाएगा। सभी पर नजर रहेगी। कसूरवारों को सजा दिलाई जाएगी।

नीता अहिरवार, डीपीओ

बच्चियों ने पूछताछ में बताया है कि एक मुल्ला नाम का व्यक्ति नशे की हालत में शारीरिक शोषण करता था। अन्य लोग भी 20-30 रुपये का लालच देकर उन्हें अपने साथ ले जाते थे।

रसना गुप्ता, जिला बाल संरक्षण इकाई

जागरण ने चलाया अभियान

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