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लखीमपुर खीरी

नेपाल में बना बंधा बार्डर के समीप बसे गांवो लायेगा बाढ की तबाही का मंजर

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ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरे की क्या होगा तबाही का मंजर

निर्वाण टाइम्स ब्यूरो

तिकुनियां-खीरी।(गुरमीत सिंह विर्क/चमन सिंह राणा) पहाड़ो पर होने वाली मूसलाधार बारिश का असर भारत-नेपाल सीमा पर बह रही मोहाना नदी पर पड़ता है, मूसलाधार बारिश से मोहाना नदी का जलस्तर व वेग बढ़ जाता है और यह भारतीय क्षेत्र में बाढ़ के हालात बना देती है। नेपाल सरकार ने अपनी सीमा में मोहाना नदी से बचने के लिए बांध बना लिया है। इस बंधे के बन जाने से नदी ग्राम रननगर व इंदरनगर की तरफ बढ़ रही है।नदी का पानी इन्ही इलाकों की सीमा पर बाढ़ के हालात बनाते हुए कटान कर रही है। इस गांव के लोगो ने कई बार ठोकर निर्माण कराए जाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और नदी लगातार कृषि भूमि को तो निगल ही रही है तथा घरों की तरफ भी बढ़ती जा रही है। रननगर टिब्बी निवासी सरदूल सिंह बताते है कि नेपाल ने अपनी जनता व देश को नदी पर तटबंध बनाकर सुरक्षित कर लिया, लेकिन हमारी समस्या को कोई नही सुन रहा है।इंदरनगर निवासी गुरुलाल सिंह बताते है कि दस एकड़ भूमि नदी में समा चुकी है,केवल घर बचा है वह भी नदी के निशाने पर है लेकिन पीड़ा सुनने बाला कोई नही है, अगर ऐसे ही नदी विनाशलीला करती रही तो भारतीय क्षेत्र में भारी तवाही मचेगी। रननगर निवासी शिवशंकर निषाद कहते है कि नेपाल ने तो सुरक्षा कर ली लेकिन हमारी सरकार ने हम लोगो को बचाने के लिए अभी तक कोई भी प्रबंध नही किया।इसी गांव की लक्षमी देवी ओर कहती है कि नदी कटान करते हुए घरों की तरफ आ रही है, हम लोगों की नींदे गायब हो चुकी है, ठोकर बन जाती तो खेत व घर बच जाते। ग्राम निवासी धामा सिह बताते
हैं कि सीमा पर बह रही मोहाना नदी गांव के निकट तीस मीटर की दूरी पर बह रही है, नेपाल सरकार ने बंधा बना लेने से पानी की बहाव गांव की ओर हो गया है। जोखूराम निषाद बताते हैं कि पिछले दो-तीन सालों से नेपाल सरकार मोहाना नदी में अपनी सीमा पर बंधा बनाती आ रही थी,तभी अधिकारियों से शिकायत की गई थी जिस पर लेखपाल ने मौके पर आकर पड़ताल भी की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। रननगर के प्रधान मलूकसिंह ने बताया कि कटान को रोकने के लिए अधिकारियों से कई बार बांध बनाए जाने का अनुरोध किया गया लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला और करीब सौ परिवार पर कभी भी संकट आ सकता है।

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