Connect with us

Ambedkarnagar

पूर्व बसपा विधायक त्रिभुवन दत्त के विरुद्ध की गई शिकायतों का महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने लिया संज्ञान

Published

on

 

राष्ट्रपति भवन के सचिव अशोक कुमार ने मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को दिए मामले में प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश

आय से अधिक संपत्ति व अवैध कब्जे की हुई थी शिकायत, कार्यवाही से परहेज कर रही थी जिले की सरकारी मशीनरी

अम्बेडकरनगर– मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमाफियाओं के विरुद्ध कार्यवाई किए जाने के बाबत चाहे जितने दिशानिर्देश जारी करते हुए दावे कर रहे हो लेकिन अम्बेडकरनगर जिले की सरकारी मशीनरी को उनके दावो से कोई सरोकार नहीं है। यहां तो मुख्यमंत्री के दावों एवं एंटी भू माफिया अभियान की सरकारी मशीनरी भू माफियाओं से सांठगांठ कर हवा ही निकालने में लगी हुई है। अम्बेडकरनगर जिले के एक बड़े भू माफिया ने अकबरपुर तहसील के विजय गांव में हवाई पट्टी की भूमि जलाशय की भूमि गाटा संख्या 1269 पर जिला प्रशासन की नाक के नीचे कर रखा है अवैध कब्जा। उक्त भूमाफिया की ओर से आलापुर तहसील क्षेत्र के कसदहां में सरकारी चकमार्ग की भूमि गाटा संख्या 221 एवं सरकारी बंजर भूमि गरीबों की निजी भूमि को जबरिया अपने शिक्षण संस्थान की चहारदीवारी के भीतर कर लिया गया है समाहित। आलापुर तहसील क्षेत्र के ही शाहपुर औरांव गांव में नक्शे व राजस्व अभिलेखों में बगैर किसी चकमार्ग के ही खतमीपुर गांव की सीमा से शाहपुर औरांव तक करा दिया गया है सड़क निर्माण। सरकारी बंजर भूमि गाटा संख्या 280 को भी किया गया शिक्षण संस्थान में समाहित। त्रिभुजाकार भूमि गाटा संख्या 281 को कर लिया गया आयताकार। कसदहां गांव में चकमार्ग संख्या 221 का विधि विरुद्ध विनिमय कर शिक्षण संस्थान की चहरदीवारी के भीतर किया गया समाहित। नहर विभाग की जमीन को प्रमोद दत्त की भूमि बता कर, कर दिया गया चकमार्ग का विनिमय। उक्त जमीन का पहले ही मुआवजा ले चुके थे काश्तकार। राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण में गए भूभाग एवं परिसंपत्ति का करोड़ों रुपया साठगांठ के जरिए भूमाफिया एवं उनके परिवारीजनों ने इसी बीच लिया निकाल। प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री समेत अन्य आलाधिकारियों से दर्जनों बार हुई शिकायतों के बावजूद कार्यवाई के नाम पर नतीजा सिफर। शासन को फर्जी जांच रिपोर्ट प्रेषित कर गुमराह करने में लगे हुए हैं अधिकारी।लेखपाल चंद्रदेव, राम सिधार, राम हरख सहित कई अन्य लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार व एसडीएम द्वारा शासन को प्रेषित की जाती रही फर्जी जांच रिपोर्ट। अभी भी पूर्व बसपा विधायक के बचाव में ही लगे हुए हैं राजस्व कर्मी। इस बाबत बीते दिनों महामहिम राष्ट्रपति महोदय भारत सरकार को 22 सूत्रीय मांग पत्र प्रधानमंत्री भारत सरकार व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को शिकायती पत्र प्रेषित कर की गई थी ऑनलाइन व आफलाइन शिकायत। कसदहा गांव में तीन माह पूर्व किए गए सीमांकन की रिपोर्ट प्रेषित करने में भी की जा रही हीलाहवाली। प्रकरण में दर्जन भर से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों तथा भूमाफिया के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाय बचाव की जुगत तलाशने में वक्त जाया कर रही जिले की सरकारी मशीनरी। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक को फर्जी जांच रिपोर्ट प्रेषित कर किया जा रहा गुमराह। शिकायतों का महामहिम राष्ट्रपति महोदय ने लिया संज्ञान। महामहिम राष्ट्रपति कार्यालय के सचिव अशोक कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को दिए मामले में प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!