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रामपुर

पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते भाव को लेकर कांग्रेसियों ने राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा

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पेट्रोल-डीज़ल को लेकर आज देशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

रामपुर। पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते भाव को लेकर कांग्रेस के देशभर में प्रदर्शन के आह्वाहन पर रामपुर में भी
कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय पर जमा हुए और जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र देव गुप्ता के नेतृत्व में ज़िला कलेक्ट्रेट पहुँचे और राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।कांग्रेसियों ने मांग की है कि पेट्रोल डीजल के मूल्यों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी के माध्यम से मोदी सरकार द्वारा जबरन वसूली की जा रही है लॉकडाउन के पिछले 3 माह के दौरान पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क और कीमतों में बार-बार की गई अनुचित बढ़ोत्तरी ने भारत के नागरिकों को काफी पीड़ा और परेशानी दी है जहां एक तरफ देश स्वास्थ्य व आर्थिक महामारी से लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों और उस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क बार-बार बढ़ाकर इस मुश्किल वक्त में मुनाफाखोरी कर रही है मोदी सरकार द्वारा भारत के नागरिकों से की जा रही वसूली एकदम स्पष्ट परिलक्षित हो रही है हम आपके ध्यान में निम्नलिखित तथ्य ला रहे है जिसमें मई 2014 में जब भाजपा ने सत्ता संभाली थी पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹9 20 पैसे प्रति लीटर एवं डीजल पर ₹3.46 पैसे पर लीटर था पिछले 6 सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में ₹23.78 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर ₹28.37 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है चौंकाने वाली बात है कि पिछले 6 सालों में भाजपा सरकार द्वारा डीजल के उत्पाद शुल्क में 820% तथा पेट्रोल के उत्पाद शुल्क में 258% की वृद्धि की गई है।इसके साथ ही केवल पेट्रोल व डीज़ल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में बार बार वृद्धि करके मोदी सरकार ने पिछले 6 सालों में 18 लाख करोड़ रुपए कमा लिए हैं। 3 माह पहले लॉकडाउन लगाए जाने के बाद पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ा कर तो मुनाफाखोरी और जबरन वसूली की सभी हदें पार कर दी गई हैं।मार्च 2020 को पेट्रोल में डीजल के मूल्य में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई 5 मई 2020 को मोदी सरकार ने डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में ₹13 प्रति लीटर और पेट्रोल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की 7 जून 2020 से लेकर 24 जून 2020 तक निष्ठुर मोदी सरकार ने 18 दिनों तक पेट्रोल व डीजल के मूल्य लगातार बढ़ाए है जिससे डीजल का मूल्य ₹10.48 पैसे प्रति लीटर और पेट्रोल का मूल्य ₹8.50 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया। देश के नागरिकों से छल करने और उनकी गाड़ी कमाई की जबरन वसूली का अंदाजा इस बात से लग सकता है कि पिछले कुछ महीनों में कच्चे तेल के भाव बहुत कम हुए हैं 24 जून 2020 को कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय भाव 43.41 अमेरिकी डालर-रुपये भाव के अनुसार 3288.71 रुपये प्रति बैरल बनता है,एक बैरल में 159 लीटर होते है इसीलिय 24 जून को कच्चे तेल का प्रति लीटर भाव 20.68 रुपये बनता है।इसके विपरीत पेट्रोल-डीज़ल के मूल्य आसमान छूकर 80 रू प्रति लीटर पहुंच गए है।जब कांग्रेस की यूपीए सरकार केन्द्र में सत्ताधीन थी तो कच्चे तेल के दाम 108 अमेरिकी डालर प्रति बैरल था,जो 24 जून को गिरकर 43.41 अमेरिकी डालर प्रति बैरल हो गया यानी इसके मूल्य में लगभग 60 प्रतिशत की गिरावट हुई इसके बावजूद भाजपा सरकार ने पेट्रोल डीज़ल के दाम आसमान पर पहुँचा दिए है।ज्ञापन में मांग की गई कि 5 मार्च 2020 के बाद पेट्रोल डीजल के दामो एवं उत्पाद शुल्क में की गई सभी बढ़ोत्तरी को तत्काल वापस लिए जाने का निर्देश दें और इस मुश्किल समय में इसका फायदा देश के नागरिकों तक पहुंचाएं।
इस मौके पर मामून शाह खां,अरशद अली खां गुड्डू,अब्दुल सबूर खां,आसिम खां,सतनाम सिंह,एजाज़ खां,शारिब अली खां,सचिन त्रिवेदी,रईस अहमद,वासिक अली,मोहम्मद एजाज़ खां,नोमान खान,सय्यद फैसल हसन,रामगौपाल सैनी,महफूज़ मंसूरी,मिर्जा आलम बेग,हसीब खां,दिव्यांश सिंघल,आदि मौजूद रहे।

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