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Uttar Pradesh

फरेंदा तहसील का एक और सच, जिम्मेदार मौन, “पिता के स्थान पर 3 वर्षों से पुत्र बना लेखपाल”

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महराजगंज ब्यूरो। हमारे देश में मृतक आश्रित प्रथा का अभिशाप कई दशक से चल रहा है। कि आज का पढ़ा लिखा युवा बेरोजगार है और उसी का अद्भुत नजारा फरेंदा तहसील में देखने को मिल रहा है जहां मृतक आश्रित प्रथा द्वारा कुर्सी प्राप्त करने से पहले ही लेखपाल की तबीयत खराब होने पर अपनी कुर्सी पर अपने पुत्र का राज्य अभिषेक कर उसे लेखपाल घोषित कर दिया गया है। जनपद महाराजगंज के फरेंदा तहसील क्षेत्र के धानी ब्लाक में एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें लेखपाल पिता के स्थान पर उसका पुत्र सभी अभिलेखों के साथ लगातार लगभग 3 वर्षों से कार्य कर रहा है।

सूत्रों के जानकारी के अनुसार जनपद महाराजगंज के तहसील फरेंदा क्षेत्र के धानी विकास खंड के अन्तर्गत ग्राम पंचायत पुरन्दरपुर के लेखपाल रामबृक्ष है। परंतु उसके स्थान पर उनका लड़का अवधेश विगत 3 वर्षों से कार्य करता है जब यह बात पत्रकार द्वारा पुछा गया तो कहने लगे हम इसका जवाब देना किसी पत्रकार को उचित नहीं समझते। और हमारा कुछ होगा भी नहीं और ग्राम पंचायत प्रधान से पूछने पर प्रधान तपती निषाद कहते हैं कि लेखपाल रामबृक्ष के जगह उनका लड़का विगत 3 वर्ष से यहां अपने पिता के स्थान पर कार्य कर रहा है।
यह कह कर की हमारे पिता कि तबीयत खराब है। लेकिन इस पर कानूनगो उन्हें कार्य करने से रोकते भी नहीं हैं बल्कि साथ में कार्य करते हैं। विभाग द्वारा लेखपालों को दी जाने वाली समस्त अभिलेखों पर लेखपाल पुत्र का ही कब्जा है । इस संबंध में तहसीलदार फरेन्दा नरेश चंद ने कहा है कि मामले की जांच करके आवश्यक कार्यवाही की जायेगी मानो उन्हें कुछ भी जानकारी ही नहीं है।

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