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Economics

महंगा या बड़ा लोन: पहले कौन सा चुकाएं, पढ़िए एक्सपर्ट की राय

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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सीमित संसाधनों से अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन को एक विकल्प माना जाता है। युवा पीढ़ी के लोग छोटी उम्र में ही क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन ले लेते हैं। इसके बाद उन्हें होम लोन और व्हीकल लोन की भी कमी महसूस होने लगती है। ऐसे में धीरे-धीरे उन्हें पता ही नहीं चल पाता है कि वो कब कर्ज के बोझ में दब चुके हैं। इस स्थिति में जो सबसे पहला सवाल दिमाग में आता है वह यह है कि हमें किस लोन को सबसे पहले चुकाना चाहिए।

आमतौर पर लोग सबसे पहले अपने क्रेडिट कार्ड के बकाया और पर्सनल लोन को चुकता करने का फैसला लेते हैं। इसके पीछे की वजह यह होती है कि जो सिक्योर्ड लोन होते हैं जैसे कि होम लोन और व्हीकल लोन उन्हें बाद में भी चुकता किया जा सकता है।

अधिकांश समय लोग बड़े लोन या छोटे लोन को चुकता करने का निर्णय लेते हैं। कुछ लोग पहले छोटे एकाउंट को बंद करने के बाद बड़ी समस्या को निपटाते है। हालांकि, फाइनेंशियल प्लानर की मानें तो लोन का साइज लोन की कीमत जितना महत्वपूर्ण नहीं होता है। उदाहरण के तौर पर अगर आपको अपने ऑफिस में पर्फोरमेंस लोन मिला है। साथ ही आपने एक-एक लाख रुपये के दो लोन पहले से ही ले रखे हैं, जिसमें से एक का ब्याज 18 फीसद और दूसरे का ब्याज 8.5 फीसद है। इस स्थिति में अगर 18 फीसद ब्याज वाले लोन को पहले चुकता किया जाता है तो लोन की 12 ईएमआई अदा करने की बजाय आप 10016 रुपये की बचत कर सकेंगें। वहीं दूसरी ओर अगर आप 8.5 फीसद ब्याज दर वाला लोन पहले चुकता करते हैं तो लोन की 12 इएमआई का भुगतान करने के बजाय आप 4662 रुपये ब्याज के रूप में बचा सकेंगे।

क्या कहना है एक्सपर्ट का-
फाइनेंशियल प्लानर जितेंद्र सोलंकी की कहना है कि अगर आपके पास गोल्ड लोन, पर्सनल लोन और होम लोन है तो इनमें से सबसे पहले पर्सनल लोन को चुकता करना चाहिए। इसका पहला कारण कि यह अनसिक्योर्ड लोन होता है। और दूसरा इसपर कापी ऊंची ब्याज दर होती है। साथ ही अगर क्रेडिट कार्ड का बकाया हो तो उसे भी पे ऑफ कर दें। इसके बाद आप गोल्ड और अंत में होम लोन चुकता कर सकते हैं। गोल्ड लोन वैसे भी शॉर्ट टर्म लोन होता है।

फाइनेंशियल प्लानर्स का मानना है कि जो हाई कॉस्ट लोन होते हैं जैसे क्रेडिट कार्ड का बकाया या पर्सनल लोन उन्हें पहले चुकता कर देना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इस के लोन आपकी इनकम का एक बड़ा हिस्सा खा लेते हैं। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति की आय आठ से 10 फीसद की दर से बढ़ती है। इस तरह जिन लोन पर ब्याज दर डबल डिजिट में होती है वे आपकी आय पर ज्यादा प्रभाव डालते हैं।

हाई कॉस्ट लोन को पहले चुकता करना देखने में आसान लगता है लेकिन, इसमें व्यावहारिक कठिनाइयां भी हैं। ऊदाहरण के तौर पर कुछ लोग गोल्ड लोन ले लेते हैं। फिर बाद में परिवार की ओर से दबाव के चलते हम उसे वापस पाने के लिए उन्हें इस लोन को चुकता करना पड़ता है। जबकि गोल्ड लोन पर्सनल लोन से सस्ते होते हैं। ऐसे में गोल्ड लोन का भुगतान करते ही अपने हाई कॉस्ट लोन को चुकता करना चाहिए।

यदि आपके पास कैश की कमी है और आपको दो लाख रुपये की अचानक से कहीं से आय हुई है तो इस स्थिति में लोग पर्सनल लोन को चुकता करते हैं। यानि कि उसको जिसकी उच्चतम ब्याज दर हैं। लेकिन इस तरह की स्थिति में आपको सबसे पहले फोरक्लोजर चार्जेस के बारे में पता कर लेना चाहिए। यह चार्जेस हर बैंक के अलग अलग होते हैं।

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