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महिला IAS अफसर को राहुल गांधी के करीबी मंत्री के मैसेज पर पंजाब में माहाैल गर्माया

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चंडीगढ़। पंजाब में एक स‍ीनियर मंत्री द्वारा महिला आइएएस अधिकारी को आपत्तिजनक मैसेज भेजने का विवाद शांत होता नहीं दिख रहा है। इससे पंजाब की राजन‍ीति गर्मा गई है। संदेश भेजने वाले मंत्री कैप्टन सरकार व कांग्रेस के लिए सरदर्द बनते जा रहे हैं। मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी एक मंच पर आ गई है। इस मंत्री काे कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।

इस पूरे प्रकरण में जहां मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की घेराबंदी भी शुरू हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी सवाल उठने लगे हैं क्योंकि मंत्री को उनका करीबी माना जाता हैै। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इस मामले में पहले ही कार्रवाई व माफी मंगवाने का बयान देने के बाद से ही यह विवाद राजनीति का केंद्र बनता जा रहा है।

अकाली दल, भाजपा व आप ने साधा कैप्टन सरकार पर निशाना

सरकार की परेशानी केवल विपक्ष ही नहीं बल्कि कांग्रेस के अंदर भी बढ़ने लगी है। मंत्री बनने के इच्छुक विधायक इसे अपने लिए सुनहरा अवसर मान मामले को तूल देने में जुट गए हैं। कांग्रेसी विधायकों को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के विदेश से वापस आने का इंतजार है। मंत्री को लेकर पंजाब सचिवालय व राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

मंत्री को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है

इस मामले में मंत्री की परेशानी बढ़नी तय मानी जा रही है। कैबिनेट में जगह नहीं बना पाने वाले विधायक इस मामले को ‘हॉट केक’ मान रहे हैं। वे अब लॉबिंग में जुट गए हैं क्योंकि मंत्री पर कार्रवाई होती है तो कैबिनेट में किसी एक विधायक का नंबर लग सकता है।

कांग्रेस भी यह मान रही है कि अगर यह मामला गर्म होता है तो इसकी आंच पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंच सकती है। मंत्री राहुल गांधी के करीबी हैं और उनकी ही वजह से वह मंत्रिमंडल में हैं। कैप्टन सरकार पहले ही भ्रष्टाचार के मामले में एक मंत्री को हटा चुकी है। ऐसे में अगर एक और मंत्री महिला आइएएस अधिकारी को गलत मैसेज भेजने के मामले में हटता है तो इससे सरकार की छवि खराब होगी।

राहुल मंत्री की रक्षा क्यों कर रहे : हरसिमरत

दूसरी तरफ सुखबीर बादल ने ट्वीट कर कैप्टन को घमंडी बताते हुए सवाल किया है कि मंत्री को बचाना क्या महिला अधिकारी के सम्मान से अधिक महत्वपूर्ण है? केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कैप्टन और राहुल को ट्वीट कर कहा है कि एक महिला अधिकारी कांग्रेस के मंत्री से सुरक्षित नहीं है तो आम महिलाओं का क्या हाल होगा। हरसिमरत ने राहुल से पूछा है कि आखिर वह मंत्री की क्यों रक्षा कर रहे हैैं?

चुघ व संधू ने भी मंत्री को हटाने की मांग की

भाजपा के तरण चुघ ने ट्वीट कर कहा पंजाब सरकार का मंत्री महिलाओं का रक्षक के बजाय बना भक्षक। सरकार मंत्री को बचाने में लगी है। दोषी मंत्री से इस्तीफा लेकर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। सिर्फ माफी इसका हल नहीं है। आम आदमी पार्टी के विधायक कंवर संधू ने कहा, इसकी जांच करवाई जानी चाहिए और मंत्री को कैबिनेट से बाहर करना चाहिए।

न कोई शिकायतकर्ता, न ही नाम आया सामने : जाखड़

कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ का कहना है कि अभी तक सारी बातें मीडिया में ही आई हैं। कोई भी शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मामला मुख्यमंत्री की जानकारी में होगा, मेरी जानकारी में नहीं था। राहुल के करीबी मंत्री के सवाल पर जाखड़ ने कहा, सभी मंत्री राहुल गांधी के करीबी हैं। जब तक कोई सामने नहीं आता तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है।

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मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर सीएम आवास पर अकाली दल का प्रदर्शन

उधर, इस मामले को लेकर स्त्री अकाली दल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री को कैबिनेट से बर्खास्त करने और उसके खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। स्त्री अकाली दल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें सभी कामकाजी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने की निंदा की गई है।

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहीं स्त्री अकाली दल की पदाधिकारी बीबी कुलदीप कौर कंग ने कहा कि मंत्री को तुरंत बर्खास्त न किया गया तो पूरा मंत्रिमंडल कठघरे में आ जाएगा। जनता में यह संदेश जाना जरूरी है कि महिलाओं के साथ गलत व्यवहार करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रोष प्रदर्शन में बीबी हरजिन्दर कौर, बीबी कुलदीप कौर, बीबी सुरिन्दर कौर, बीबी मनप्रीत कौर हुन्दल, बीबी गुरदीप कौर, बीबी निर्मल कौर सेखों, बीबी कश्मीर कौर आदि शामिल थीं।

महिला आइएएस अधिकारी को गलत मैसेज भेजना शर्मनाक : रीना जेटली

अमृतसर में प्रदेश भाजपा महिला अध्यक्ष रीना जेटली ने कैबिनेट मंत्री द्वारा महिला आइएएस अधिकारी को गलत मैसेज भेजने की निंदा करते हुए इसे शर्मनाक बताया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री को अब तक इस मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए था। एक मंत्री महिला अधिकारी के साथ ऐसा करेगा तो आम महिलाओं का क्या होगा।

यह है मामला

कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के एक सीनियर मंत्री द्वारा राज्‍य की एक सीनियर महिला आइएएस अधिकारी को विव‍ादित मैसेज भेजा जाता था। यह महिला आइएएस इस मंत्री के महकमे में काम भी नहीं करती है। वह किसी और महकमे में है। मंत्री उन्हें अपने महकमे में लाना चाहते थे लेकिन महिला आइएएस ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया। इसके बावजूद मंत्री उन्हें मैसेज करने से बाज नहीं आए।

पता चला है कि मंत्री ने उन्हें काफी समय पहले भी मैसेज भेजे थे तब उन्होंने पहले मंत्री को ऐसा करने के लिए मना किया। लेकिन, मंत्री नहीं माने और उन्होंने मैसेज भेजने जारी रखे तो महिला आइएएस अफसर ने मुख्यमंत्री को इसकी शिकायत कर दी। बताया जाता है कि महिला आईएएस अफसर इस बात को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाना चाहती थीं। इस संबंध में मंत्री से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई गलत मैसेज महिला आइएएस को नहीं भेजा है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार इसको लेकर मंत्री को फटकार भी लगाई थी और महिला अफसर से माफी भी मंगवाई। इसके बाद कुछ समय तक यह मामला शांत हो गया था, लेकिन आरोप है कि मंत्री ने फिर ऐसा मैसेज भेज दिया। इससे खलबली मच गई है।

सीएम कैप्‍टन अमरिंदर ने कहा- विवाद सुलझा, म‍हिला अधिकारी भी समाधान से संतुष्‍ट

दूसरी ओर, पंजाब के मुख्‍यमंत्री कार्यालय ने वीरवार कोे कहा है कि मामले को सुलझा लिया गया है। सीएमओ के अनुसार, मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि यह मामला उनकी जानकारी में आया था। मंत्री द्वारा महिला अधिकारी को आपत्तिजनक मैसेज भेजने को बहुत गंभीरता से लिया गया था। मेरी जानकारी के अनुसार मामला का समाधान हो गया है और इससे महिला अधिकारी के संतुष्‍ट है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इससे पहले बयान जारी कर कहा था ‘ कुछ सप्ताह पहले ही यह मामला मेरी जानकारी में आ गया था। इस मामले को मैने बेहद ही गंभीरता से लिया था।’ मुख्यमंत्री ने कहा ‘मैंने मंत्री से महिला अधिकारी से माफी मांगने और अधिकारी को संतुष्ट करने के लिए कहा था।’

बताया जाता है कि मामला पार्टी हाईकमान तक भी पहुंच चुकी है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री इजरायल से लौटने के बाद अगर मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई होगी। इधर, मुख्यमंत्री आफिस इस नए संकट के चलते सरकार की हो रही बदनामी को लेकर सक्रिय हो गया है। बुधवार को दिन में मुख्यमंत्री आफिस के अधिकारियों ने इस संबंध में मीटिंग भी की। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में महिला आइएएस अधिकारी को बुलाया गया था।

 

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