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मिट्टी खनन का काला कारोबार बेखौफ पिछली सरकारों में चल रहा था, आज भी बदस्तूर जारी

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बाराबंकी. यूपी की योगी सरकार भले ही प्रदेश में मिट्टी खनन पर सख्ती से अंकुश लगाने की बात करती हो, मगर सच तो यह है कि जो मिट्टी खनन का काला कारोबार बेखौफ पिछली सरकारों में चल रहा था। वह आज भी बदस्तूर जारी है। आज सूबे के निजाम भले ही बदल चुके हों, मगर फिर भी पुलिस व खनन विभाग की सांठगांठ के चलते दिन व रात अवैध मिट्टी खनन का काम आज भी खुलेआम हो रहा है। आज भी खुलेआम अवैध मिट्टी से लदे डम्फर सड़कों पर फर्राटे भरते हैं, लेकिन किसी को भी नजर उन पर नहीं पड़ती या फिर यूं कहें कि कोई देखना ही नहीं चाहता।

 

तालाब से खोदते हैं मिट्टी

अवैध मिट्टी खनन का यह सारा खेल राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे सरकारी तालाब में चलता है। जहां से होकर यह डम्फर मिट्टी लादकर अपने निर्धारित स्थानों पर ले जाते हैं। जहां पहुंचाने का इनका ठेका होता है। जब हमने इस मिट्टी खनन के खेल को जानने की कोशिश की तो हमें मिट्टी खनन करती हुई 2 जेसीबी मशीन और मिट्टी ले जाने वाले 3- 5 डम्फर भी नजर आए, जो नेशनल हाइवे से सटे सहिहारा से मिट्टी खोदकर कर बेखौफ ले जा रहे थे।

 

पुलिस के पास नहीं है कोई जवाब

सूचना देने पर मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों के पास इस बात का कोई जवाब नहीं था कि आखिर जब पुलिस सड़कों पर मुश्तैदी से गश्त करती है। तो आखिर उनकी नजरों से बचकर यह डम्फर कैसे चलाए जाते हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डम्फर और जेसीबी को अपने कब्जे नही लिया, लेकिन इस बात की गारंटी कौन देगा कि अब मिट्टी खनन का यह काला खेल अब आगे से नहीं होगा। वही मोके पर प्रधान को तक पता नही हैं की कौन सी जमीन पर हो रहा है खनन शासन-प्रशासन व चौकी इंचार्ज कान में तेल डालकर खनन करवा रहे हैं मीडिया के पूछे जाने पर चौकी इंचार्ज माती ने बताया कि मुझे कोई जानकारी नहीं है इसकी जानकारी आप खनन अधिकारी से लीजिए ग्राम वासियों का कहना है की चौकी इंचार्ज आये दिन आकर यहां से अपना हिस्सा ले जाते हैं हजारों रुपए और खनन माफिया से मिलकर खाते हैं कई बार इस खनन के मामले में ग्राम वासियों ने जानकारी देना चाही लेकिन आपको बताते चले चौकी शिकायत करने गए थे उनको चौकी इंचार्ज ने गाली और धक्के देकर भगा दिया ग्राम प्रधान मामले को दबाने में लागे हैं

मौके पर मिले सनी सिंह जो की मानक के रूप बताया गया की इसका मानक 1,2 मीटर बता रहे हैं जहाँ मौके पर 3.5 मीटर की खोदाई कराई जा रही है क्या यह मानक के विपरीत है अगर नहीं तो इसकी जांच कर कारवाई की जाए
पत्रकार जुबेर अहमद

 

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