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युवक का अपहरण

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युवक का अपहरण

 

राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां रहने वाले एक युवक का अपहरण   का आरोप  कुछ अज्ञात लोगों पर लगाते हुए थाना परिसर में उसके पिता  ने सनसनी मचा दी। बताया जा रहा है कि रास्ते में  हमला कर घटना को अंजाम देने के बाद आरोपीयो ने युवक को कहां लेकर गए इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। सूचना पाकर मौके पर आक्रोशित स्थानीय लोगों  ने थाने का घेराव करके जमकर बवाल काटा।

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी ने  इलाके में  पूछताछ की  लेकिन मामला वैसे ही धरा का धरा रह गया किसी तरह की कोई भी जानकारी हाथ ना लगी जिसका स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला क्योंकि कुछ दिन पहले ही थाना प्रभारी अपनी जिप्सी में सोते हुए पाए गए थे ठीक उसके अगले दिन की अपहरण की घटना स्थानीय लोग पचा न सके जिसका गुस्सा थाने पर देखने को मिला। पुलिस ने पीड़ित परिवार को झूठी सांत्वना देकर भेज दिया था घर इसके बाद पत्रकारों के दबाव में घरवालों की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी की तलाश शुरू करने की बात कही ।

रास्ते में हमला कर अपहरण करने का आरोप

जानकारी के मुताबिक, जानकीपुरम थाना क्षेत्र के अजनहर कला के रहने वाले रामदास पुत्र शिव बहाल ने अपने पुत्र के अपहरण का तहरीर देते हुए बताया कि 9:00 बजे मेरा पुत्र महेंद्र उम्र लगभग 20 वर्ष घर से काम करने के लिए महेश्वरी लैंडमार्क  सेक्टर 25 मुंशी पुलिया चौराहा गया था कार्य समाप्त के पश्चात जब महेंद्र घर आ रहा था उसी समय शुक्ला चौराहे पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया और साथ में उठा ले गए जो कि आज दिनांक 1.5 .2018 को महेंद्र ने अपने मोबाइल नंबर 87 56 43 4467 से फोन करके बताया कि हमारे साथ यह घटना घटित हो गई है  मेरे साथ बुरा व्यवहार हो रहा है  इसके बाद उसका फोन कट गया घटना को सुनते ही परिवार के लोग हैरान रह गए

पिता को फोन करके दी घटना की सूचना

महेंद्र ने अपने पिता को फोन करके बताया कि शुक्ला चौराहे पर अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया और मुझे उठा ले गए हैं इस बात का जिक्र  रामदास ने  जानकीपुरम थाने में  तहरीर के माध्यम से सूचित किया महेंद्र ने 16 घंटे बाद फोन करके घटना की जानकारी अपने पिता को दी थी जिसके बाद घर वालों को यह जानकारी मिल पाई थी। सूचना पाकर उसके पिता स्थानीय लोगों को लेकर  थाने पहुंचे । यहां उन्होंने बेटे के अपहरण की बात थाने में बताई लेकिन जानकीपुरम थाने का जो रवैया पिछले चार महीनों से चल रहा है शायद उससे ही अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि किसी भी तरह की वारदात को अंजाम देने से नहीं चूकते ।

आक्रोशित स्थानीय लोगों ने जमकर काटा बवाल

घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए 24 घंटे के अंदर महेंद्र की बरामदगी नहीं हुई तो अंजाम भुगतने का अल्टीमेटम तक दे दिया राजधानी में सबसे ज्यादा आपराधिक मामला जानकीपुरम थाने के अंतर्गत सुनने को आया इसके साथ ही पुलिस की बिगड़े बोल के साथ गैर जिम्मेदाराना ढंग से ड्यूटी करना भी सामने खुलकर देखने को मिला

स्थानीय लोगों के गले नहीं उतर रहे ये सवाल

अपहरण के बाद 16 घंटे बीतने पर महेंद्र का फोन पिता के फोन पर आना और वारदात का जिक्र करते हुए बताना और किसी फिरौती के बारे में नहीं कहना घटना को शक के घेरे में लाकर खड़ा करता है   इस घटना से स्थानीय लोग भी भौचक्के नजर आ रहे थे। वह एक दूसरे से बात कर रहे थे कि अगर अपहरण हुआ होता तो शुक्ला चौराहे पर आते-जाते राहगीरों  को इसका पता तो चलता। अगर  महेंद्र का अपहरण किया गया होता तो आते जाते शुक्ला चौराहे पर कोई तो देखा होता  चुकी इस रास्ते पर रात के 12:00 बजे तक चहल-पहल बना रहता है । इस घटना के दौरान लोगों ने शोर जरूर मचाया होता और पुलिस को इसकी सूचना दी होती। लड़के के गायब होने के बाद उसके घरवालों ने भी उसकी तलाश नहीं की और ना ही पुलिस को घटना की सूचना दी। आखिर लड़के के फोन आने की बात और रात में घर ना आने की बात  मैं तकरीबन 16 घंटे का फर्क पुलिस को हजम नहीं हो पा रही। फिलहाल तहरीर के आधार पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर केस की तफ्तीश कर रही है।

पुलिस ने बताया  मनगढ़ंत मामला

इस घटना के संबंध में थाना प्रभारी  ने बताया कि मामला मनगढ़ंत मालूम पड़ता है । पड़ताल में पता नहीं चला की किसी ने भी आते जाते अपहरण की कोई घटना रात्रि में देखी है।  पुलिस बता रही अपनी मर्जी से युवक कहीं चला गया है। हालांकि उस के परिवार की तहरीर पर 364 के तहत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर आरोपीयो की तलाश शुरू कर दी गई । पत्रकार जुबेर अहमद

 

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