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Uttar Pradesh

रात को सोते समय पत्नी की हरकत से परेशान पति बोला- ‘जज साहब दे दो तलाक’

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गाजियाबाद, पत्नी रात में सोते हुए बड़बड़ाती है, इसलिए नींद नहीं पूरी हो पाती है। अब मैं पत्नी से अलग रहना चाहता हूं, इसलिए मुङो पत्नी से तलाक चाहिए। यह अर्जी मंगलवार को अदालत में पति ने पत्नी के खिलाफ दाखिल की। अदालत ने अर्जी स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख लगा दी है।

बुलंदशहर में रहने वाला युवक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। वर्तमान में नोएडा स्थित एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता है। उसकी शादी तीन साल पहले मेरठ में रहने वाल बीकॉम पास युवती के साथ हुई थी। वर्तमान में दोनों वसुंधरा (गाजियाबाद) में रहते हैं।

इंजीनियर पति का आरोप है कि उसकी पत्नी रात में सोते हुए बडबड़ाती है। ऑफिस पहुंचने में हर रोज देर हो जाती है। इंजीनियर पति का कहना है कि उसने पत्नी का ईलाज भी कराया, मगर उसका बडबड़ाना कम नहीं हुआ। इंजीनियर पति ने कोर्ट में अर्जी देकर पत्नी से तलाक दिलाए जाने की गुहार लगाई है। कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार कर लिया है।

यहां बता दें कि सोने के दौरान नींद में में बड़बड़ाना कोई बीमारी नही है लेकिन ये इससे पता चलता है कि उस शख्स के स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ है। नींद में बड़बड़ाने के दौरान वाक्य आधे-अधूरे और अस्पष्ट होते हैं। ये एक प्रकार का पैरासोमनिया है जिसका मतलब होता है सोते समय अस्वाभाविक व्यवहार का करना। यह अलग बात है कि इसे बीमारी नहीं माना जाता है। रात में बड़बड़ाते हुए आप कभी-कभी ख़ुद से ही बात करने लगते हैं जो ज़ाहिर है सुनने वाले को अजीब या भद्दा लग सकता है। ऐसे माना जाता है कि नींद में बड़बड़ाने वाले एक समय में 30 सेकेंड से ज्यादा नहीं बोलते है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बुरे या डरावने सपने भी नींद में बड़बड़ाने का कारण होत हैं। कई बार हम जिस बारें में सोच रहे होते है वहीं चीजे हमारे सपनों में आने लगती है।

सोते हुए चीखने-चिल्लाने या हाथ-पैर चलाने की आदत डिमेंशिया (निद्रारोग) अथवा पार्किंसन जैसी बीमारियों के लक्षण होते हैं। इस बीमारी को ‘आरईएम स्लीप बिहैवियर डिसआर्डर’ कहा जाता है। आरईएम नींद वो नींद है जिस दौरान इंसान सपने देखता है। इसका कोई इलाज नहीं होता है, लेकिन तनाव की कमी और योग के द्वारा आप अपना मन शांत कर सकते है। इससे आपको नींद में बोलने की समस्या कम हो जाएगी।

वहीं, इस समस्या में साइकैरिस्ट मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही नियमित रूप से योगा व ध्यान करें। तनाव को आस-पास नहीं फटकने दें। इसके बाद यह तथाकथित बीमारी अपने आप खत्म हो जाएगी।

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