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LUCKNOW

लखनऊ : यूपी पुलिस ने तैयार की 300 अपराधियों की लिस्ट

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ओपी पाण्डेय :  निर्वाण टाइम्स
लखनऊ :- बीते महीनों में 1322 मुठभेड़ में 44 इनामी अपराधियों को मारने के बाद भी यूपी पुलिस के 300 टॉप टारगेट बाकी हैं। इन टॉप टारगेट में 10 हजार से लेकर पांच लाख रुपये तक के इनामी शामिल हैं। एसटीएफ और यूपी पुलिस की टीमें इन 300 अपराधियों की तलाश में जुट गई हैं।

टॉप टारगेट डकैत बबुली कोल
इस समय यूपी पुलिस के निशाने सबसे आगे चित्रकूट का कुख्यात डकैत बबुली कोल है। कुछ महीने पहले उससे मुठभेड़ में यूपी पुलिस के जाबांज एसआई जेपी सिंह शहीद हो गए थे। तब से यूपी पुलिस और एसटीएफ की टीमें उसकी घेराबंदी में लगी हैं। बबुली पर अक्टूबर 2016 से पांच लाख रुपये का इनाम है। बबुली कोल के साथ चित्रकूट के एक-एक लाख के इनामी दो डकैत गौरी यादव उर्फ उदयभानु और लवलेश कोल की भी पुलिस और एसटीएफ को शिद्दत से तलाश है।

लखनऊ पुलिस को सुधाकर की तलाश
सुधाकर पांडेय पर छात्र नेता विनोद त्रिपाठी समेत दो लोगों की हत्या का आरोप है। पेशी के दौरान वह पुलिस कस्टडी से भाग निकला था। उस पर साल 2010 से 50 हजार का इनाम घोषित है। सुधाकर लखीमपुर खीरी का रहने वाला है। इसके अलावा हरियाणा के पलवल का कालिया उर्फ कालू उर्फ राकेश भी लखनऊ पुलिस के मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल है। कालू पर 50 हजार का इनाम है।

एक लाख के ये इनामी भी रेडार पर
वाराणसी के धौरहरा का एक लाख का इनामी इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी लंबे समय से यूपी पुलिस के रेडार पर है। बृजेश सिंह गैंग का विरोधी बीकेडी लंबे समय से मुन्ना बजरंगी गैंग से जुड़ा रहा है। हत्या, जानलेवा हमले और गैंगवॉर के कई मामलों में यूपी पुलिस को इसकी तलाश है। 13 जनवरी 2018 को ही बीकेडी पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ है। इसके अलावा आजमगढ़ का एक लाख का इनामी अखिलेश यादव उर्फ गोल्डी भी टॉप टारगेट में है। एक फरवरी 2018 को इस पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ है। मुजफ्फरनगर के हरीश पर भी एक लाख का इनाम है। हरीश पर छह जनवरी को ही इनाम घोषित हुआ है।

मेरठ : सबसे ज्यादा मुठभेड़, सबसे ज्यादा इनामी
बीजेपी के सत्ता संभालने के बाद से मेरठ जोन में अब तक सबसे ज्यादा 500 पुलिस मुठभेड़ हुई हैं। इनमें 30 अपराधी मारे गए और 194 गोली लगने से जख्मी हुए। इसके बाद भी 10 हजार या उससे ऊपर के सबसे ज्यादा 73 इनामी मेरठ में पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

इनाम घोषित होते ही सरेंडर
राजनीतिक संरक्षण पाए कुख्यात अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही ने हाल ही में 50 हजार का इनाम घोषित होते ही सरेंडर कर दिया। यूपी पुलिस की तरफ से उस पर 24 फरवरी 2018 को 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था। पुलिस अफसरों को उम्मीद है कि जल्द कई और बड़े अपराधी सरेंडर कर सकते हैं।

इनाम ढाई लाख, लेकिन नाम-पता नहीं मालूम

बीजेपी सरकार के कार्यकाल में अब तक सबसे बड़ा ढाई लाख का इनाम घोषित हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस और एसटीएफ के पास इन इनामी अपराधियों का नाम-पता भी नहीं है। मामला गोंडा में डकैती के दौरान हत्या से जुड़ा हुआ है। इस मामले में एक फरवरी 2018 को अज्ञात लोगों पर ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

डीजीपी और शासन की तरफ से इनाम में कंजूसी

हाल में जिला, रेंज और जोन स्तर पर अपराधियों पर ताबड़तोड़ इनाम घोषित हुए हैं, लेकिन डीजीपी मुख्यालय और शासन की तरफ से अभी तक किसी बड़े अपराधी पर इनाम नहीं बढ़ाया गया है। वहीं, सपा सरकार के दौरान कई बड़े अपराधियों पर डीजीपी मुख्यालय की तरफ से ताबड़तोड़ इनाम घोषित किए गए थे। बीजेपी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद डीजीपी और शासन के इनाम घोषित करने की क्षमताओं में खासा इजाफा भी किया है।

इनकी आज भी तलास
गाजीपुर के मोहम्मदाबाद के ढाई और दो लाख के दो इनामी आज भी पुलिस और सीबीआई के लिए पहेली बने हुए हैं। इनमें एक ढाई लाख का इनामी अताउर रहमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर है और दूसरा शहाबुद्दीन। सीबीआई की तरफ से इन दोनों पर 27 अगस्त 1999 को ढाई और दो लाख का इनाम घोषित किया गया था। तब से आज तक इनका कुछ भी पता नहीं है। इसी तरह वाराणसी का 50 हजार का इनामी विश्वास उर्फ नेपाली भी कई साल से लापता है। बलिया का दो लाख का इनामी कौशल कुमार चौबे भी वर्ष 2006 से पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है।
किस जोन में कितने इनामी बदमाश
मेरठ : 73
वाराणसी : 38
इलाहाबाद : 36
बरेली : 36
लखनऊ : 33
आगरा : 29
गोरखपुर : 27
कानपुर : 20

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