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लालू यादव को दोषी ठहरा चर्चा में आए जालौन निवासी जज शिवपाल सिंह, जानिए

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उरई । जालौन जिले के छोटे से मजरे शेखपुर खुर्द में जन्मे शिवपाल सिंह वही शख्सियत हैं जिन्होंने बतौर न्यायाधीश, बिहार के बहुचर्चित चारा घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया है।किसान गोविंद सिंह गुर्जर के घर पांच मार्च 1963 को जन्मे शिवपाल सिंह पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं।

उस समय गांव में कोई प्राइमरी पाठशाला नहीं होने के कारण उन्होंने पड़ोसी गांव सिहारी दाऊदपुर में जूनियर तक शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उरई में बीएससी तक पढ़ाई की। हाईस्कूल करने के साथ ही उनका विवाह हो गया। विवाह के बाद भी उनकी शिक्षा जारी रही। उन्होंने वर्ष 1984 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण की।

गांव में रहने वाले बड़े भाई सुरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 27 मई, 1992 को वह नायब तहसीलदार के पद पर नियुक्त हुए और कई जिलों में काम किया। 25 दिसंबर, 1995 को उनका चयन न्यायपालिका में हो गया। सबसे पहले बिहार के मोतिहारी में जूनियर सिविल जज के रूप में चयन हुआ। इसके बाद विभिन्न पदों से होते हुए 21 मार्च, 2016 को रांची मे सिविल कोर्ट में नियुक्त हुए।

चारा घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को दोषी करार देकर तीन जनवरी को सजा सुनाने की घोषणा के बाद न्यायाधीश शिवपाल सिंह सुर्खियों मे आए।

उनके निर्णय को साहसी व निष्पक्ष निर्णय बताकर उनके परिवारीजन खुश हैं।

जानें- किस मामले में लालू को ठहराया गया दोषी

सीबीआई की विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में दोषी क़रार दिया है। 1991 से 1994 के बीच देवघर राजकोष से 85 लाख रुपए ग़बन के मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराए गए हैं। उन्हें अदालत परिसर में ही पुलिस कस्टडी में ले लिया गया है। अदालत तीन जनवरी को सज़ा सुनाएगी। इस केस में लालू यादव के साथ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जग्गनाथ मिश्रा और 19 अन्य लोग अभियुक्त थे। जगन्नाथ मिश्रा को अदालत ने बरी कर दिया है।

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