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सुमित प्रताप सिंह कर रहे रणजी,आई पी. एल की तैयारी

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दिल्ली :सुमित प्रताप सिंह ने निर्वाण टाइम्स से वार्ता के दौरान बताया की क्रिकेट खेलना विद्यालय के दौरान ही शुरू कर दिया 2008 से ही वह इस खेल की तरफ़ बहुत रूचि रखते थे. सुमित बताते हैं कि मेरा संयुक्त परिवार है सभी लोग बहुत प्यार करते हैं लेकिन मेरे दादा परसुराम सिंह जी ने क्रिकेट खेलने के लिए मुझे बहुत समर्थन दिया वह एक आर्मी के सेवा निर्वर्त व्यक्ति हैं
क्रिकेट मे मुझे बैटिन्ग में रूचि है 2010 में पैर मे संधि भंग हो गयी जिस कारण कुछ समय मुझे क्रिकेट से दूर रहना पडा
खेलने के दौरान तीन बार पैर फ़्रेक्चर हुआ लेकिन हर बार मेरी आत्म शक्ति ने मुझे पुनः वापस आने के लिए प्रेरित किया
चूँकि क्रिकेट मे नाम कमाना और स्थापित होना बहुत बड़ी चुनौती है ऐसे में मेरे इस सपने को शुरुआत मे मेरे दादा जी ही सराहना समर्थन करते थे लेकिन जब मेरा चयन इंडियन 20-20 क्रिकेट फ़ेडरेशन टीम में हुआ तो बाकी की फ़ैमली भी मेरा समर्थन करना शुरू कर दी अब मेरे प्रदर्शन सोच के लिए परिवार मित्र सभी मेरी हौसला अफ़ज़ाई करते हैं
क्रिकेट के शुरुआत के मैच में मैं कुछ अच्छा नहीं कर पाया जिसको लेकर काफ़ी परेशान था लेकिन मेरे अन्तर्मन में एक बात बार बार प्रेरणा दे रही थी कि कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती और फिर मैने 4 मैच में अर्धशतकीय पारी खेली जिनसे मुझे बहुत हौसला मिला
दिवाकर माडेल स्कूल गाज़ियाबाद मे प्रधानाचार्या जी चेयरमैन साहब ने मुझे हमेशा समर्थन किया

मै अपने विद्यालय का कैप्टन भी था
IME ग्रुप आफ़ कालेज और वहा के वाइस चेयरमैन प्रो एच पी गुप्ता जी ने अपार प्रेम और उत्साहवर्धन किया
क्रिकेट का जुनून कुछ इस कदर हाबी था कि मैने एक मैच की वजह से अपना बोर्ड प्रेक्टिकल भी छोड़ दिया था
संघर्ष करते करते एक दिन मेरा वह सपना हकीकत बनकर मेरे सामने आ गया जिसे शुरूवात करने वाला हर खिलाड़ी देखता है
2014 में मैने अपना प्रथम अन्तराष्ट्रीय मैच खेला अपनी जर्सी पर इंडिया लिखा देख और तिरंगा देख कर आंखों मे खुशी के आँसू आ गये
मैने जो मैच खेले हैं उसमे लगभग 56 मैच डी डी स्पोर्ट्स पर लाइव दिखाये गये हैं
श्रीलंका के विरुद्ध 3 international series खेली हैं
बहुत से मैन आफ़ द मैच प्राप्त हुए हैं
वर्तमान समय में उत्तराखन्ड राज्य 20-20 एसोशिएशन में कप्तानी कर रहा हूँ
इन सबके बावजूद कयी कम्पनी का ब्रान्ड प्रमोटर भी हू
समित ने कहा क्रिकेट में स्थापित होने के लिए संघर्ष मेहनत,लगन की ज़रूरत होती है जिसमे आत्म शक्ति के साथ प्रयास कर रहे है
भारत गौरव अवार्ड, नैशन प्राइड अवार्ड, ग्रेट अचीवर अवार्ड, अशोक सम्राट रतन अवार्ड, बेस्ट स्पोट्स मैन अवार्ड, स्टूडेन्ट आफ़ द इयर अवार्ड , जेम्स आफ़ नैशन अवार्ड जैसे अनेको अवार्डो से सम्मानित हूए

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