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Uttar Pradesh

#सुल्तानपुर : आक्रोशित परिजनों और व्यापारियों ने बीच सड़क शव रख नेशनल हाईवे जाम कर किया प्रदर्शन

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सुल्तानपुर:- अपहृत हुए व्यापारी की नृशंस हत्या कर शव प्रतापगढ़ जिलें के अन्तू थाना क्षेत्र में सड़क के किनारे फेंका मिला। जिसकी सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जें में लेकर पोस्टमार्टम कराया। जिसके उपरान्त शव लेकर वापस लौटे परिजनों व व्यापारियों ने शाहगंज चौराहें पर शव रखकर नेशनल हाई-वे जाम कर दिया। सदर विधायक भी मौके पर मामलें को सुलझाने  के लिए पहुंचे, लेकिन लोगों को समझाने में वह कामयाब नहीं हो सकेें। नतीजतन उन्हें विरोध का सामना कर वापस लौटना पड़ा। देर शाम तक व्यापारियों का प्रदर्शन जारी रहा।
ज्ञातब्य हो कि कोतवाली नगर क्षेत्र के आजाद नगर-खैराबाद निवासी व्यवसायी राजेन्द्र जायसवाल ने कोतवाली में शुक्रवार को तहरीर दी। जिसमें अपने भाई वीरेन्द्र जायसवाल को गुरूवार की शाम करीब नौ बजे से गायब होने की बात कहकर अपहरण की आशंका जताते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस पहले गुमशुदगी दर्ज करने का दबाव बना रही थी बाद में काफी जद्दोजहद के बाद अपहरण का मुकदमा दर्ज किया। शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतापगढ़ जिलें के अन्तू थाना क्षेत्र में लोहियानगर के पास सड़क के किनारे से शुक्रवार को ही वीरेन्द्र का शव मिलने की सूचना मिली। परिजनों ने जाकर वीरेन्द्र के शव की शिनाख्त की । वीरेन्द्र को धारदार हथियार से मार कर हत्या करने की बात सामने आ रहीं हैं। शव को कब्जें में लेकर अन्तू पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जिसके पश्चात शव लेकर वापस अपने जिले पहुंचे परिजनों व आक्रोशित व्यापारियों ने शाहगंज चौराहें पर वीरेन्द्र का शव बीच सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन में काफी महिलाएं भी शामिल रहीं। इस दौरान पुलिस प्रशासन, डीएम व एसपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। आक्रोशित व्यापारियों का मानना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से आये दिन व्यापारियों के साथ आपराधिक घटनाएं हो रही है। व्यापारियों का आक्रोश देखकर उन्हें मनाने सुलतानपुर विधायक सूर्यभान सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्होंने एसडीएम से वार्ता कर मृतक के परिजनों को एक विस्वा आवासीय पट्टा, शस्त्र लाईसेन्स, सुरक्षा व्यवस्था, अधिक से अधिक मुआबजा दिलाने एवं एक सप्ताह के भीतर वारदात का खुलासा करने का विश्वास दिलाया। फिलहाल व्यापारियों की मांग पर वह मुआबजें की रकम एवं अन्य कई बातें स्पष्ट कर पाने में असमर्थ दिखे। नतीजतन उन पर व्यापारियों को भरोसा ही नहीं जमा। आखिर कार उन्हें भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा और वह वापस लौट आये। इस दौरान मौजूद क्षेत्राधिकारी नगर श्याम देव ने भी एक सप्ताह में मामलें का वर्कआउट करने का दावा किया। लेकिन अधिकतर मामलों में माननीयों एवं अधिकारियों के झूठे आश्वासन से गच्चा खा चुके व्यापारी अपना अवसर गवाना नहीं चाहते थे। जिसकी वजह से अपनी मांगों को लेकर वह सड़क पर शव रखकर देर शाम तक विरोध प्रदर्शन करते रहे, डीएम-एसपी या अन्य किसी सक्षम अधिकारी के मौके पर न पहुंचने एवं कोई स्पष्ट जवाब न मिलने की वजह से व्यापारियों का गुस्सा बढ़ता ही गया। आलम यह रहा कि दुकाने बन्द करके भी व्यापारी गुस्सा जाहिर करने लगे। विरोध प्रदर्शन की वजह से कई घण्टों तक इलाहाबाद-फैजाबाद हाईवे जाम रहा। जिसकी वजह से यातायात भी बडे़ स्तर पर प्रभावित रहा। देर रात डीएम-एसपी के आश्वासन पर व्यापारियों ने जाम हटाया।

वीरेन्द्र की हत्या से छाया मातम

नृशंस हत्या का शिकार हुए व्यापारी वीरेन्द्र जायसवाल अपने पीछे पत्नी व दो मासूम बच्चों को भी छोड़ गयें है। पति की मौत से वीरेन्द्र की पत्नी स्वाती व बेटा हर्षित संस्कार (5 वर्ष) एवं पुत्री समृद्धि (3 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम बच्चें भी वीरेन्द्र के शव को हिला-हिला कर पूछ रहें है कि आखिर पापा क्यों नहीं बोल रहें। उन्हें क्या पता कि उसके पापा अब दुबारा बोलने वाले नहीं है। वहीं भाई की मौत से आहत व्यवसायी राजेन्द्र जायसवाल उर्फ उत्कर्ष का भी बुरा हाल है। सूत्रों के मुताबिक वीरेन्द्र की हत्या रूपयों की लेन-देन की वजह से ही की गयी हैं। जिसका खुलासा पुलिस की जांच में ही हो पायेगा।

एसपी प्रतापगढ़ ने कहा सुलतानपुर से ही होगी तफ्तीश

हत्या कर फेंके मिले वीरेन्द्र के शव के विषय में प्रतापगढ़-एसपी देव रंजन ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सुलतानपुर पुलिस के सुपुर्द की जा रहीं है। उन्होंने बताया कि वीरेन्द्र को अमेठी जिलें की सीमा में ही मारकर उसके शव को प्रतापगढ़ जिले के सीमावर्ती थाना क्षेत्र में फेंकने की बात प्रथम दृष्टया लग रहीं है। उन्होंने कहा कि अपहरण का मुकदमा सुलतानपुर में दर्ज हुआ है, तफ्तीश भी वहीं की पुलिस के जरिए की जायेगी। जांच में हर सम्भव सहयोग के लिए उन्होंने आश्वासन दिया है। वहीं अन्तू थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव ने भी जांच में सुलतानपुर पुलिस की हर सम्भव मदद करने की बात कही है।  नगर कोतवाल श्याम सुंदर पांडेय ने कहा कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस ने वीरेंद्र की काल डिटेल खंगाली। जिसके मुताबिकल 26 जुलाई को शाम पौने सात बजे तक उसकी मोबाइल पर वार्ता हुई है,जिसके बाद मोबाइल बंद मिला। फिलहाल हर विंदुओ पर छानबीन जारी है।

 

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