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हैदराबाद डबल ब्लास्ट : 42 मौतें, कई घायल और ऐसे कराह उठा था निजाम का शहर

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नई दिल्ली । 25 अगस्त, 2007….11 साल पहले का यह दिन हैदराबाद में रहने वाले लोग कभी नहीं भूला पाएंगे। ये वो काला दिन था, जब दो बम धमाकों ने निजाम के शहर को हिला कर रख दिया था। इस धमाके ने 42 बेगुनाहों की जान ले ली, कई जख्मी हो गए। बेगुनाहों के लहू को बहाने वाला था खूंखार आतंकी संगठन ‘इंडियन मुजाहिदीन’। आखिर 11 साल पहले 22 अगस्त के दिन क्या हुआ था, हम बताते है उस काले दिन का काला सच।

पहला धमाका….लुंबिनी एम्युजमेंट पार्क

25 अगस्त 2007 की बात है। जब शाम को हमेशा की तरह पूरा शहर चहल-पहल से गुलजार था। किसी को भी इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह शाम शायद उनकी जिंदगी की आखिरी शाम होने वाली है। शहर का लुंबिनी अम्युजमेंट पार्क लोगों से भरा हुआ था। लोग अपने धुन में थे, कोई टहल रहा था, तो कोई बातों में बिजी था। सब कुछ ठीक था, तभी अचानक शाम करीब 7:45 पर एक जोरदार धमाका हुआ और हर तरफ धुआं, धूल, चीख और रोते लोग नजर आने लगे। जब धुआं हटा, तो जमीन पर लाशें पड़ी नजर आई, कई गंभीर लोग दर्द से कराह रहे थे। किसी को कुछ समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। लुंबिनी एम्युजमेंट पार्क में हुए इस धमाके में 10 लोगों की जान चली गई।

दूसरा धमाका….गोकुल चाट भंडार

आतंकियों का दूसरा निशाना था शहर का मशहूर गोकुल चाट भंडार। जहां दूर-दूर से लोग चाट खाने आया करते थे। 22 अगस्त की शाम भी वहां उतनी ही भीड़ थी। सब चाट का लुत्फ उठा रहे थे, तभी अचानक लुंबिनी एम्युजमेंट पार्क के पांच मिनट बाद यानी 7:50 बजे गोकुल चाट भंडार पर एक जोरदार धमाका हुआ। जब धुआं का गुबार छंटा, तो मौत का मंजर देखकर हर कोई सहम गया। इस धमाके में 30 लोग मारे गए, कई घायल हो गए। गोकुल चाट भंडार लुंबिनी पार्क से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर था। इन दो धमाकों ने पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए थे।

सर्च ऑपरेशन में मिले थे 19 बम

दोनों धमाकों में घायल हुए लोगों ने से दो ने अस्पताल में दम तोड़ दिया और इस तरह आतंकियों ने 42 लोगों को मौत की नींद सुला दिया गया। इन दोनों धमाकों के बाद हैदराबाद पुलिस हरकत में आई और यह भी साफ हो गया था कि यह बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा है। पुलिस ने फौरन शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके खाली कराकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी अभियान ने तो पुलिस के भी रौंगटे खड़े कर दिए। पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाके से 19 बम बरामद किए, जिन्हें वक्त रहते डिफ्यूज कर दिया गया।

दबोचे गए इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकी

जब पुलिस और अन्य एजेंसियां इन धमाकों की छानबीन कर रही थी, तभी आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने हमले की जिम्मेदारी ले ली। मामले की जांच आगे बढ़ी और पुलिस ने इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों- अनीक शफीक सईद, मोहम्मद सादिक, अकबर इस्माइल और अंसर अहमद बादशाह शेख को गिरफ्तार कर लिया। इन सभी को आइपीसी की धारा 302 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों को चेरलापल्ली सेंट्रल जेल में रखा गया है। हालांकि मंगलवार (4 अगस्त, 2018) को कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है जबकि दो को बरी कर दिया है। दोनों दोषियों के नाम अनीक शफीक सैयद और इस्माइल चौधरी हैं।

मामले 7 लोगों को बनाया गया आरोपी

तेलंगाना काउंटर इंटेलीजेंस सेल इन दोनों धमाकों की जांच कर रही थी। इंटेलीजेंस सेल ने बम धमाकों में सात लोगों को आरोपी बनाया, जबकि केस में तीन अलग-अलग चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। धमाकों की साजिश में अनीक शफीक सईद, मोहम्मद सादिक, अकबर इस्माइल और अंसर अहमद बादशाह शेख के अलावा फारुख शर्फूद्दीन और आमिर रसूल खान भी शामिल थे।

रियाज और इकबाल भटकल थे मास्टमाइंड

हैदराबाद को दहराने की साजिश रचने के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का मुखिया रियाज भटकल और इकबाल भटकल था। ये दोनों धमाकों के मास्टरमांइड थे। हालांकि रियाज भटकल, इकबाल भटकल, फारुख शर्फूद्दीन और आमिर रसूल अब भी फरार चल रहे हैं।

एनआइए की स्पेशल कोर्ट में मामला

इस मामले की सुनवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की स्पेशल कोर्ट में चल रही थी। जहां कोर्ट ने आज दो आरोपियों को दोषी करार दिया है जबकि दो को बरी कर दिया है। दोनों दोषियों के नाम अनीक शफीक सैयद और इस्माइल चौधरी हैं। पांचवे आरोपी समेत बाकियों की सजा का एलान सोमवार को किया जाएगा।

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