Uncategorised

लखनऊ,ऑपरेशन मासूम’ में मारा गया बदमाश, 10 घंटे की मशक्कत के बाद सभी 25 बच्चे मुक्त

ऑपरेशन मासूम’ में मारा गया बदमाश, 10 घंटे की मशक्कत के बाद सभी 25 बच्चे मुक्त

ओपी पाण्डेय

लखनऊ
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली के करथिया गांव में शातिर अपराधी सुभाष बाथम ने गुरुवार (30 जनवरी) शाम जन्म दिन के बहाने 25 बच्चों को घर बुलाकर बंधक बना लिया था। पुलिस ने 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बदमाश को ढेर कर सभी बच्चों को रात लगभग 1 बजे सुरक्षित निकाल लिया गया। सीएम ने इसे ‘ऑपरेशन मासूम’ नाम दिया था। उन्होंने खुद इस पूरे ऑपरेशन पर नजर रखी थी।

करथिया गांव निवासी सुभाष बाथम एक शातिर बदमाश था। उसने गुरुवार दोपहर घर पर अपनी बेटी गौरी का जन्मदिन होने के नाम पर गांव के बच्चों को बुलाया था। दोपहर तीन बजे तक उसने गांव के 25 बच्चों को इकट्ठा कर लिया। फिर उसने सभी बच्चो को घर में बंद कर लिया। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो पड़ोसी आदेश की पत्नी बबली अपनी पुत्री खुशी और बेटे आदित्य को बुलाने के लिए उसके घर पहुंच गई। उसने दरवाजा खटखटाया तो सुभाष ने खोलने से मना कर दिया। जब उसने ज्यादा जिद की तो उसने कहा कि पहले गांव के लालू को बुलाकर लाओ। जब उसने मना किया तो वह गाली गलौज करने लगा। इस पर बबली अपने घर आई और परिजनों को जानकारी दी।


गांव वालों ने पुलिस को खबर दी। सूचना पर गांव पहुंची यूपी 112 के जवानों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। कहा कि अपनी समस्या बताओ उसका निदान किया जाएगा। लेकिन उसने तब भी दरवाजा नहीं खोला। परेशान होकर यूपी 112 के सिपाहियों ने कोतवाली इंस्पेक्टर को खबर दी। इंस्पेक्टर राकेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने दरवाजा खोलने को कहा तो शातिर अपराधी ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं उसने अंदर से हैंड ग्रेनेड भी फेंका, जिसमें इंस्पेक्टर, पीआरवी के दीवान जयवीर और सिपाही अनिल घालय हो गए। इससे पुलिस पीछे हट गई।

जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक नागेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में लाउड स्पीकर से उसे समझाने का प्रयास किया तो उसने फायर झोंक दिया। विधायक को भी पीछे हटना पड़ा। फायरिंग गांव के अनुपम दुबे और विवेक की पत्नी विनीता घायल हो गईं। बच्चों के बंधक बनाने से परिजन का बुरा हाल था। महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल था। सभी अपने-अपने बच्चों की सलामती की दुआ मांग रहे थे। इस घटना की जानकारी के बाद पुलिस के आला अफसर व प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

ये थे घर के अंदर बंधक बच्चे

आरती पुत्री आनंद, सोनी, रोशनी पुत्री सत्यभान, अरुण, अंजली, लवी पुत्र नरेंद्र, भानु पुत्र मदनपाल, खुशी, मुस्कान, आदित्य पुत्र पंछी, विनीत पुत्र रामकिशोर, पायल, प्रिंटर पुत्र नीरज, प्रशांत, नैनसी पुत्री मुकेश, आकाश, लक्ष्मी पुत्री ब्रजकिशोर , अक्षय पुत्र अरुण, गौरी पुत्री लालजीत, सोनम, लवकुमार, शबनम पुत्री आदेश, गंगा, जुमना पुत्री आशाराम के अलावा मुकेश का भांजा कृष्णा शामिल है।

लखनऊ से पहुंच गई थी कमांडो

फर्रुखाबाद में हालात बिगड़ते देख एटीएस कमांडो को रवाना किया गया। यह प्रयास था कि जल्द से जल्द बच्चों को बचाया जा सके। इस घटना पर लखनऊ के आला अफसरान की भी निगाह बनी रही।

केस में अब तक के अपडेट्स

फर्रुखाबाद में बदमाश मारा गया। सभी 25 बच्चे मुक्त कराए गए। ‘ऑपरेशन मासूम’ आईजी मोहित अग्रवाल ने लीड किया।

शातिर बदमाश सुभाष ने आदेश की छह माह की बेटी शबनम को रिहा कर दिया है। उसने धीरे से दरवाजा खोलकर उसे घर से बाहर निकाल दिया।

टेलीविजन चैनलों ने भी बच्चों को बंधक बनाने वाले से अनुरोध किया है कि अगर वह अपनी मांग सरकार के सामने रखना चाहता है तो मीडिया के जरिए अपनी बात रख सकता है। उधर गृह विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से कहा है कि वे बचाव कार्य का लाइव कवरेज ना दिखाएं।

बच्चों को सुरक्षित बचाना हमारी प्राथमिकता: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद में बच्चों के बंधक बनाने के मामले पर उच्चस्तरीय बैठक की है। इस बैठक में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर मौजूद रहे। सीएम योगी ने इस घटना की पूरी जानकारी ली और अधिकारियों से बच्चों को सुरक्षित निकालने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित बचाना हमारी प्राथमिकता है। इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पीवी रामशास्त्री ने बताया कि क्विक रिस्पॉन्स टीम और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम मौके पर मौजूद है। एटीएस भी पहुंच रही है।

छावनी में तब्दील हुआ गांव

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक बदमाश ने अपने घर में पिछले कई घंटों से 25 बच्चों को बंधक बना रखा है। कथरिया गांव छावनी में तब्दील हो गया है। पुलिस और प्रशासन बच्चों को सुरक्षित छुड़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी घटना पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। कानपुर से ड्रोन मंगाए गए हैं ताकि बच्चों के रेस्क्यू ऑरपरेशन में तेजी आ सके। वहीं स्थानीय प्रशासन ने एनएसजी की मांग भी की है।

एनएसजी बुलाने की मांग

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर पीवी रामशास्त्री ने कहा है कि एटीएस की टीम जल्द ही मौके पर पहुंचने वाली है। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड की मांग भी की गई है। पूरे राज्य का तंत्र मामले पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही हम इसे निपटा लेंगे।

बच्चों को बंधक बनाने वाले ने घर से फेंका DM के नाम पत्र

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में अपने घर में 25 बच्चों को बंधक बनाने वाले बदमाश ने डीएम के नाम अपना एक पत्र दिया है। इसके बाद बचाव कार्य में लगी पुलिस और अधिकारियों को कुछ उम्मीद जगी है। बदमाश ने डीएम के नाम दिए अपने पत्र में कहा है कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं। इस पत्र में बदमाश सुभाष बाथम ने कई समस्याएं बताई हैं। जब डीएम बदमाश सुभाष को घर के बाहर से ही समझाने का प्रयास कर रहे थे, तभी उसने घर के सुराख से एक पत्र डीएम के नाम लिखकर बाहर फेंका। इस पत्र में उसने लिखा है कि वह मजदूरी करके बच्चों को पालन पोषण करता है। कॉलोनी आई, लेकिन प्रधान के लोगों ने देने से मना कर दिया। शौचालय अभी तक नहीं बना है। प्रधान के यहां मगर न तो शौचालय मिला और न ही कॉलोनी। बदमाश ने पत्र में लिखा है कि इस मामले में सेक्रेटरी से भी बात कर चुका हूं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button