Gorakhpur

एसडीएम सदर ने गोरखपुर पहल के तहत बनाया लैंड बैंक

संजीव जायसवाल की रिपोर्ट…..

• 11 एकड़ जमीन को अब तक करा चुके है मुक्त

खाली भूमि पर चौपाल लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभार्थियों को लाभान्वित करने का प्रयास

गोरखपुर । ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सादर गौरव सिंह सोंगरवाल ने जनपद में चार्ज लेते ही सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम सभा सरकारी भूमि को मुक्त कराने के लिए गोरखपुर पहल के तहत अब तक एक 11 एकड़ जमीन 3 गांव से मुक्त कराई जा चुकी है। गोरखपुर पहल को सफल बनाने में तहसीलदार डॉक्टर संजीव दिक्षित की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।


खास बातचीत के दौरान एसडीएम सदर गौरव सिंह ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार भू माफियाओं के चंगुल से ग्राम सभा बंजर सरकारी भूमि को मुक्त कराने के लिए 3 टीमें गठित की गई है। जिसने अब तक 11 एकड़ जमीन को मुक्त करा दिया गया। गोरखपुर पहल की सफलता को देखते हुए 3 गांव बेला, बैलो ,जंगल एकला नंबर-2 के लिए 5 लेखपाल, दो कानूनगो व नायब तहसीलदार को लगाया गया है जो इन गांव में बंजर ग्राम सभा की सरकारी भूमि को चिन्हित कर खाली कराने का कार्य करेंगे । आगे तीन और गांव का चयन किया जाएगा। जहाँ से 20 से 30 एकड़ जमीन को खाली कराने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री सिंह ने बताया कि भू माफियाओं के चंगुल से मुक्त जमीन को रजिस्टर किया जाएगा और खाली जमीनों का डिजिटल फील्डिंग भी कराया जाएगा। तहसील ब्लॉक गांव पर इसकी सूचना चस्पा की जाएगी सरकार को अगर खाली जमीन की आवश्यकता पड़ेगी तो यह जमीन जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए दी जाएगी।


उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भू माफिया पर शिकंजा कसने के लिए इनको चिन्हित किया जा रहा है इनके खिलाफ एंटी भू माफिया एक्ट के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। जमीन खाली कराने के पीछे उद्देश्य है कि भूमिहीन जनता को पट्टे पर यह जमीन एलाट किया जाए। इसके लिए गांव में चौपाल लगाया जाएगा जिसमें विकास भवन, कृषि ,शिक्षा, स्वास्थ समेत अन्य विभाग रहेंगे। जिसमे जन कल्याणकारी योजना के बारे में जनता को बताया जाएगा और लाभार्थियों का चयन कर उन्हें लाभ पहुंचाने का कार्य होगा । चौपाल में विधवा पेंशन राशनकार्ड दिव्यांगों को सरकार की योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। लैंड बैंक होने से सरकार को खाली भूमि की आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उपलब्ध कराने में आसानी होगी । सरकार को आंगनवाड़ी ,खेल का मैदान चिकित्सालय बनाने के लिए जमीन आसानी से मुहैया कराने में दिक्कत नहीं होगी।

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