Uttar Pradesh

सीएम योगी आदित्यनाथ के 10वीं बार नोएडा पहुंचते ही ट्विटर इंडिया पर ट्रेंड हुआ #मिथक_तोड़ते_योगी

संजीव जायसवाल की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर 10वीं बार नोएडा पहुंचे। जिसके बाद ट्विटर इंडिया पर हैश टैग #मिथक_तोड़ते_योगी ट्रेंड करने लगा। यूजर्स नोएडा के उस मिथक को लेकर लगातार ट्वीट कर रहे थे जिसमें कहा जाता था कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा जाता है उसकी कुर्सी चली जाती है। जिसके बाद नोएडा जाने में मुख्यमंत्री कतराने लगे मगर योगी आदित्यनाथ इस मिथक को तोड़कर 10वीं बार नोएडा पहुंचे हैं जिसके चलते ट्विटर इंडिया पर हैश टैग #मिथकतोड़तेयोगी टॉप ट्रेंड करने लगा।

नोएडा को मुख्यमंत्रियों के लिए माना जाता है मनहूस

रविवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ सीएम बनने के बाद 10वीं बार नोएडा पहुंचे। उनसे पहले ऐसा माना जाता है कि जिस भी मुख्‍यमंत्री ने नोएडा की धरती पर कदम रखा उनकी कुर्सी चली जाती है। पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने भी अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान नोएडा से दूरी बनाए रखी मगर योगी आदित्‍यनाथ ने मुख्‍यमंत्री बनने के बाद इस मिथक को तोड़ा। अब तक वह नौ बार नोएडा आ चुके हैं और यह उनका 10वां दौरा है।

वे पूर्व मुख्यमंत्री जिनकी चली गई कुर्सी

विश्वनाथ प्रताप सिंह– तत्कालीन यूपी के सीएम विश्वनाथ प्रताप सिंह नोएडा में वीवी गिरी श्रम संस्थान का उद्घाटन करने आए थे। उसके बाद वह मुख्यमंत्री पद से हट गए।

वीर बहादुर सिंह– साल 1988 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह फिल्म सिटी स्थित एक स्टूडियो में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने आए। वहां से उन्होंने कालिंदी कुंज पार्क का उद्घाटन किया था। उसके कुछ माह बाद ही वह मुख्यमंत्री पद से हट गए।

नारायण दत्त तिवारी– वीर बहादुर सिंह के सीएम पद से हटने के बाद नारायण दत्त तिवारी यूपी के मुख्यमंत्री बने। वह भी नोएडा के सेक्टर 12 स्थित नेहरू पार्क का उद्घाटन करने वर्ष 1989 में आए। उसके कुछ समय बाद वह भी मुख्यमंत्री पद से हट गए।

मुलायम सिंह यादव– साल 1994 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव नोएडा के सेक्टर 40 स्थित खेतान पब्लिक स्कूल का उद्घाटन करने आए। मुलायम सिंह यादव ने मंच से कहा कि मैं इस मिथक को तोड़ कर जाऊंगा कि जो मुख्यमंत्री नोएडा आता है उसकी कुर्सी चली जाती है। उसके कुछ माह बाद ही वह मुख्यमंत्री पद से हट गए। इसके बाद 6 सालों तक कोई नोएडा नहीं आया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button