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कोरोना वायरस के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग पर मुस्लिम समुदाय का एहतियाती कदम

कोरोना वायरस के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग पर मुस्लिम समुदाय का एहतियाती कदम

रिपोर्ट- शिवशंकर मिश्रा रायबरेली

रायबरेली- कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन और सरकार लगातार कड़े फैसले ले रही हैं। इसी क्रम में देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए लाक डाउन के निर्देश के बाद जनपद स्तर पर लोगों के घरों से निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लग चुकी है। जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैली इस महामारी का अभी तक कहीं कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग ही बचाव का ऐसा साधन है जो लोगों को मौत के मुंह से सुरक्षित रख पाने में कारगर नजर आ रहा है। इस बात का ख्याल रखते हुए शुक्रवार को जिले भर में मुस्लिम समुदाय ने अपनी सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए समाजिक दायित्वों की अनूठी मिसाल पेश की है। जिले भर से मिल रही खबरों के अनुसार शुक्रवार को जुमा की नमाज़ लोगों ने अपने घरों में ही अदा की। शहर स्थित मस्जिद दीवान शाह, दायरे की मस्जिद, जामा मस्जिद खिन्नी तल्ला, घोसियाना, बारादरी, नूर मस्जिद, मस्जिद बिलाल, सदरिया मस्जिद, जामा मस्जिद काजी अब्दुल करीम, मस्जिद जेल रोड, दरगाह दादा मियां, महबूब आलम शाह, जिन्नातों वाली मस्जिद, कलेक्ट्रेट, नूर मस्जिद, सुनहरी मस्जिद समेत जिलेभर की जामा मस्जिदों में अजान के बाद इमाम साहब ने मस्जिदों को आबाद रखने के लिए वहां पर मुअज्जिन के साथ अलामती तौर पर नमाज अदा की। बाकी सभी लोगों ने सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए अपने अपने घरों में जोहर की नमाज पढ़ी। इस सम्बन्ध में मौलाना नासिर हुसैन अशरफी ने कहा कि महामारी के इस दौर में सोशल डिस्टेंसिंग ही बचाव का साधन है। ऐसे में सरकार का सहयोग करते हुए सभी लोग ज्यादा से ज्यादा इबादत और महामारी से बचने की दुआ मांगे। उन्होंने इस महामारी को कुदरत का अजाब बताया और लोगों को ज्यादा से ज्यादा अपनी गलतियों से तौबा करने की अपील की।

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