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5 दिन में 6000 डॉलर से ज्यादा टूटा बिटकॉइन, फिसलकर 13,000 डॉलर पर आया

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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बिटकॉइन की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। साल के आखिरी महीने यानी दिसंबर की शुरुआत में बिटकॉइन ने लोगों को बंपर कमाई करवाई लेकिन महीने के आखिर में इसने निवेशकों को तगड़ा चूना लगा दिया। 5 दिनों से जारी गिरावट के कारण बिटकॉइन 13,000 के स्तर तक पहुंच गया। पिछले रविवार को 19,666 डॉलर का स्तर छूने वाला बिटकॉइन में अचानक आई गिरावट से अब इसमें निवेश करने वाले परेशान हैं।

बिटकॉइन के लिए मिला जुला रहा साल 2017: साल 2017 की शुरुआत में यह क्रिप्टोकरेंसी 1,000 डॉलर के करीब थी, विशाल सीएमई ग्रुप द्वारा बिटकॉइन मूल्य इंडेक्स लॉन्च करने के बाद रविवार को 19, 666 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से यह करीब एक तिहाई वैल्यू खो चुका है। इसने जल्द ही 20,000 डॉलर का स्तर भी छू लिया। हालांकि अब यह 14000 डॉलर के नीचे पहुंच चुका है

बिटकॉइन एक ऐसी वर्चुअल करेंसी (आभासी मुद्रा) है जो कि तेज उतार-चढ़ाव के लिए जानी जाती है। नवंबर में यह चार दिनों के भीतर 30 फीसद गिरा गई थी और 7,888 डॉलर के स्तर से 5,555 डॉलर तक आ गया था। सितंबर में इसमें 40 फीसद की गिरावट आई थी। टोक्यो में मोनेक्स सिक्यॉरिटीज के मुख्य रणनीतिकार तकाशी हिरोकी कहते हैं, ‘बिटकॉइन में निवेश जुआ खेलने जैसा ही है, इसलिए इसका मूवमेंट तर्कसंगत पैटर्न को फॉलो नहीं कर सकता है।

आखिर है क्या बिटकॉइन?

केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया ने बताया कि पहली बात यह है कि बिटकॉइन कोई करेंसी नहीं है। करेंसी की परिभाषा के मुताबिक किसी भी देश की मुद्रा में कुछ की हफ्तों के भीतर दोगुने और तीन गुने तक का उछाल नहीं आता है, क्योंकि मुद्रा स्थिर होती है और इसका इस्तेमाल लेन-देन में किया जाता है। बिटकॉइन हाल ही में 11000 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था और वो इसके बाद गिरकर 9000 डॉलकर पर आ गया। हालांकि कुछ दिन बाद ही इसने 18000 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया। कोई भी मुद्रा इस तरह का उतार-चढ़ाव नहीं आता है। ऐसी अस्थितरता सामान्यतया: किसी निवेश विकल्प में ही आ सकती है।

मुनाफा नहीं बिटक्वाइन के खतरे समझें:

केडिया ने बताया कि जिस तरह से शेयर मार्केट पर निगरानी रखने के लिए सेबी जैसा नियामक स्थापित किया गया है लेकिन बिटकॉइन का कोई नियामक नहीं है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राइवेट प्लेयर संचालित करते हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि बिटकॉइन की खरीद डिजिटल माध्यम से की जाती है। ऐसे में अगर मान लीजिए कि कोई आपका सिस्टम हैक कर ले और आपका बिटकॉइन चुरा ले तो आप अपनी शिकायत किसे सुनाने जाएंगे। आपके पास रोने के सिवाय कोई दूसरा चारा नहीं होगा। केडिया ने कहा कि आरबीआई हाल ही में भारत के निवेशकों को सर्तक करते हुए कह चुका है कि यह पूरी तरह से अवैध है और उन्हें इसमें निवेश नहीं करना चाहिए। केंद्रीय बैंक का कहना है कि वो बिटकॉइन को नहीं जानता है और न ही वो इसका नियमन करता है।

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