Connect with us

NATIONAL NEWS

साथ आए 51 देश, नॉर्थ कोरिया पर लगेगी लगाम

Published

on

उत्तर कोरिया की ओर से बढ़ते परमाणु खतरे के बीच दुनिया के 51 देशों ने एटमी हथियारों को प्रतिबंधित करने वाली संयुक्त राष्ट्र की नई संधि पर हस्ताक्षर करना शुरू कर दिया है। हालांकि इसका अमेरिका और दूसरे परमाणु संपन्न राष्ट्रों ने तीखा विरोध किया है।

वहीं ब्राजील के राष्ट्रपति माइकल टेमेर संधि पर हस्ताक्षर करने वाले पहले नेता बन गए हैं। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा और इंडोनेशिया, आयरलैंड, मलयेशिया, फिलिस्तीनी प्रशासन तथा वेटिकन ने भी संधि पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

आस्ट्रिया, ब्राजील, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के नेतृत्व में हुई वार्ता के बाद जुलाई में 122 देशों ने संयुक्त राष्ट्र में परमाणु हथियार निषेध संधि को अपनाया था। लेकिन इस वार्ता में परमाणु हथियार से संपन्न नौ राष्ट्रों अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इस्राइल ने हिस्सा नहीं लिया था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर संधि पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया शुरू होने को संरा के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, ‘यह दो दशकों से ज्यादा समय के बाद अस्तित्व में आई पहली बहुपक्षीय हथियार निषेध संधि है। हालांकि उन्होंने माना कि दुनिया को 15,000 परमाणु हथियारों के भंडार से बाहर निकालने के लिए काफी काम किया जाना बाकी है।’

उन्होंने कहा, आज हम एक मंजिल पर पहुंचने का जश्न मना रहे हैं। अब हमें परमाणु हथियारों के खात्मे के कठिन रास्ते पर आगे बढ़ना जारी रखना होगा। यह संधि तब प्रभाव में आएगी जब 50 देश इस पर हस्ताक्षर और अनुमोदन कर देंगे। इस प्रक्रिया में कुछ महीने अथवा साल लग सकते हैं।

संधि पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए उनके पहले संबोधन के एक दिन बाद शुरू हुई है। ट्रंप ने कहा था कि अपनी अथवा अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए अमेरिकी उत्तर कोरिया को पूरी तरह तबाह कर देगा।

उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों का निर्माण जारी रखने से दुनिया भर में चिंता का माहौल है। हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपना छठा और सबसे शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किया है। इसके अलावा उसने हाल ही में दो अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइलें भी दागी हैं।

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!