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बाल विवाह का शिकार हुई 40 फीसदी लड़कि​यां पश्चिम बंगाल में

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REPOTED BY : SABIR ALI
उच्चतम न्यायालय में सौंपे गए एक सर्वेक्षण के नतीजों में दावा किया गया कि​ बाल विवाह का शिकार हुई सबसे ज्यादा लड़कियां पश्चिम बंगाल में हैं। नाबालिग पत्नी से यौन संबंध को बलात्कार करार देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाने वाले उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में इस सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि​ बाल विवाह का शिकार हुई 40.7 फीसदी लड़कियों का यह आंकड़ा भारत के पूर्वी राज्य बंगाल के ग्रामीण इलाकों में बढ़कर 47 फीसदी तक हो जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि बाल विवाह का सबसे कम प्रतिशत पंजाब और केरल में दर्ज किया गया। इन दोनों राज्यों में यह प्रतिशत कुल 7.6 है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के मुताबिक, बाल विवाह का शिकार हुई लड़कियों के मामले में दूसरे और तीसरे पायदान पर बिहार (39 फीसदी) और झारखंड (38 फीसदी) हैं।न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष यह रिपोर्ट सौंपी गई थी।
इस पीठ ने फैसला सुनाया है कि 18 साल से कम उम्र की पत्नी के साथ यौन संबंध बनाना आईपीसी के तहत अपराध होगा और इसके जुर्म में 10 साल तक की जेल की सजा सुनाई जा सकती है। शीर्ष न्यायालय के फैसले की रोशनी में काफी अहमियत रखने वाले इस आंकड़े के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी ​दिल्ली में 2015-16 में बाल विवाह का शिकार हुई लड़कियों की संख्या 16 फीसदी थी जबकि 2005-06 में यह आंकड़ा 22.7 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में बाल विवाह का शिकार हुई लड़कियों की संख्या क्रमश: 35.4 फीसदी, 25 फीसदी और 24.9 फीसदी है।

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