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मायावती दलित विरोधी भाजपा सरकार के साथ -पीएल पुनिया

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लखनऊ : प्रवासी श्रमिक और कामगारों के बाद कांग्रेस अब दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरना चाहती है। न सिर्फ सरकार बल्कि बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती को भी कांग्रेस ने निशाने पर लिया है। रविवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में पार्टी के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की दलित विरोधी सरकार में दलित समाज पर राज्य संरक्षण में हमले बढ़े हैं। कई घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि लम्बी लिस्ट है और यह सब सरकारी संरक्षण में हो रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा कि हमने लगातार दलित उत्पीड़न के मुद्दे को उठाया है और लड़ रहे हैं लेकिन, स्वघोषित दलितों की नेता मायावती की चुप्पी क्या साबित करती है। वह दलित विरोधी भाजपा सरकार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में पिछले दो महीनों में दलितों के ऊपर हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या में बाल कटवाने गए एक दलित युवक की धार वाले हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी गई। कन्नौज में भाजपा सासंद सुब्रत पाठक द्वारा तहसीलदार अरविंद कुमार के घर में घुसकर मारपीट की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। रामपुर में एक सफाईकर्मी के साथ पांच लोगों ने मारपीट कर उसके मुंह में सैनिटाइजर का रासायनिक घोल डाल दिया, जिससे वह बेहोश हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई।

इस दौरान कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने कहा कि योगी सरकार में दलित समाज पर हमला बढ़ा है, लेकिन मायावती के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता है। प्रदेश में दलितों-वंचितों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न पर मायावती क्यों नहीं बोलती हैं? उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ चेयरमैन आलोक प्रसाद ने कहा कि पूरे प्रदेश में हम सेवा कर रहे हैं। बाहर से लौट रहे प्रवासी श्रमिकों लिए कांग्रेस पार्टी स्टॉल्स लगाकर नाश्ता वितरित कर रही है। हम रसोईघर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष को जनसेवा करने के कारण जेल में डाल दिया गया है। कई दर्जन नेताओं के ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, लेकिन सरकार का दमन हमारी सेवा को नहीं रोक सकता है।

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