Connect with us

वाराणसी

ना रथ, ना बारात,ना बाराती फिर हुआ लाट भैरव का विवाह’, प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार

Published

on

वाराणसी ।बुधवार को कज्जाकपुरा स्थित बाबा श्री कपाल भैरव प्रसिद्ध श्री लाट भैरव जी का विवाह सम्पन्न कराया गया।कोरोना महामारी को देखते हुये सादगी से विवाह की सारी परम्पराओं का निर्वहन किया।प्रत्येक वर्ष श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति के तत्वावधान मे होने वाले इस भव्य आयोजन के सभी रश्मों को सिमित दायरे में प्रसाशनिक गाइडलाइन के अंतर्गत निभाया।सायं काल 6 बजे बाबा श्री लाट भैरव के रजत मुखौटे को विग्रह पर स्थापित कर नवीन वस्त्र, मुण्डमाला, चाँदी के आभूषण धारण कराये गये।आकर्षक ढंग से श्रृंगार किया।तत्पश्चात आचार्य रविन्द्र त्रिपाठी के आचारत्व मे पूजन प्रारम्भ किया गया।रात्रि मे हज़ारे दिपक से बाबा की विशेष आरती की गयी।समिति के अध्यक्ष हरिहर पाण्डेय ने बताया कि इस बार मंदिर प्रांगण में केवल पांच लोगों के द्वारा ही अनुष्ठान किया गया।बाबा से कोरोना से मुक्ती की कामना की गयी।जिससे आगामी वर्षों मे पुनः हर्षोल्लास वातावरण में हम सारे पर्व मनाते रहे।दर्शनार्थीयों को बाहर से ही दर्शन प्राप्त हुआ, गर्भ गृह मे जाने पर रोक लगा दी गयी थी।अगले दिन होने वाले भण्डारे का कार्यक्रम स्थगित किया गया है।मंदिर प्रांगण मे बाबा लाट भैरव के साथ ही अष्ट भैरव और माता काली का श्रृंगार किया गया था।

विदित हो कि प्रत्येक वर्ष लाट भैरव बाबा का बारात विश्वेश्वरगंज से निकलकर करिब 2 किलोमीटर लम्बा रास्ता तय करते हुये कज्जाकपुरा स्थित मंदिर मे पहुचंता था।जिसमे बाबा शानदार रथ पर सवार होकर विराट शोभायात्रा के रुप मे हाथी, घोड़े, बैण्ड-बाजे, डमरु दल के साथ आते थे।मार्ग जगह जगह हज़ारों श्रद्धालुओं द्वारा बाबा की आरती के साथ साथ श्रृंगार व पुष्प वर्षा की जाती रही।आप सभी को जानकर हैरानी होगी कि दोपहर तीन बजे निकलने वाले इस अद्भुत बारात को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने मे करिब 12 घण्टे का समय लगता था।मंदिर प्रांगण मे भी बड़ी संख्या मे शाम से ही भक्तों का दर्शन पूजन का क्रम शुरू होता था।बृहद् प्रसाद वितरण के साथ साथ भण्डारे का आयोजन किया जाता रहा।लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना के कारण यह तीन दिवसीय आयोजन सिमित किया गया ।

बारात के दौरान कई वर्षों से परम्परागत आरती करने वाले तेलियाना निवासी श्रद्धालु शिवम अग्रहरि ने बताया कि इस बार यह मार्ग बहुत ही सुना सा दिखायी पड़ा और बाबा की आरती भी नहीं की गयी।घरों से ही लोगों ने बाबा का मानसिक ध्यान कर प्रार्थना किया।हर बार इस मार्ग मे पड़ने वाले प्रत्येक मंदिरों की सजावट के साथ साथ प्रसाद वितरण व विविध सांस्कृतिक आयोजन किये जाते रहे।लेकिन इस बार माहौल बिल्कुल अलग और अकल्पनीय था।

विवाह आयोजन में मुख्य रुप से उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर, प्रधानमंत्री छोटे लाल जायसवाल, मंत्री मुन्ना लाल यादव, पूजारी अभिषेक द्विवेदी, विक्रम सिंह राठौर, निक्की, की उपस्थिति रही !!

Continue Reading
Advertisement
Comments
error: Content is protected !!