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वायदे निभाने की “धनी” निकली “पलक”

समाज सेवा के जरिए चर्चा में आई थी पलक सिंह

पिता के जीत का बनी हिस्सा

सुल्तानपुर(विनोद पाठक)। वायदे की धनी बनी पलक सिंह, जनता के बीच बनाई मजबूत उपस्थिति की कड़ी। यह गपोलिया नहीं, बल्कि हकीकत है। समाज सेवा के जरिए चर्चा में आई थी पलक, पिता के जीत का हिस्सा भी बनी। ऐसा मेरा नही, जिले के वुद्धिजीवियों का मानना है।
गौरतलब हो कि पलक सिंह किसी पहचान की “मोहताज” नहीं हैं। समाज सेवा का नाम पलक सिंह है। समाज सेवा के जरिए “कोरोना” कॉल में अपनी पहचान बनाई । हर कोई उनकी कार्यशैली(समाज सेवा) का कायल हो गया। समाज सेवा ऐसी की जनता के दिलों पर राज करने लगी। जिस दौर में समाज सेवा का बीड़ा पलक सिंह ने उठाया, लोग-बाग अपने घर के बाहर निकलना मुनासिब नहीं समझते थे। ऐसे वक्त में पीड़ितों की सहायता करना पलक सिंह की दिनचर्या में शामिल और शुमार हो गया था। सुबह खड़ी दुपहरिया से शाम तक करीब-करीब समूचे जिले में समाज सेवा कर अपनी जनता के बीच मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। जिले की जनता “पलक” के साहस की दुहाई देने लगी। समाज सेवा के जरिए पलक सिंह ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का लोहा भी मनवाया। चहुं ओर पलक सिंह की समाज सेवा की चर्चाएं होने लगी। प्रचंड गर्मी में पलक सिंह द्वारा की गई समाज सेवा पर जनता ने पलक सिंह को हाथों हाथ लिया और जब जनता को मौका मिला तो ब्याज सहित ऋण वापस करने का प्रयास ही नहीं किया, बल्कि उस पर “अमलीजामा” जनता ने पहनाया भी। संपन्न हुए विधानसभा के चुनाव में जब पिता पूर्व मंत्री विनोद सिंह भाजपा के प्रत्याशी घोषित हुए तो पलक सिंह भी पिता को जिताने का “बीड़ा” उठा है। पलक सिंह जिस गली मोहल्ले से गुजरी उधर से पीछे कारवां हो चला। गांव देहात में जहां चौपाल लगी, भीड़ की तागड़ी भागीदारी रही। भीड़ को आश्वासन भरोसा भी पलक सिंह देती रही कि जिस भरोसे के साथ मैं आपके पास आई हूं, चुनाव पिताजी को जीताइए, भरोसा टूटने नहीं दूंगी। जनता ने पलक की बात पर भरोसा किया,साथ दिया। पिता विनोद सिंह चुनाव जीते, विधायक बने, लेकिन बिटिया जनता के बीच किए वादे को नहीं भूली। चुनाव के दरमियान जिन गांव,मोहल्ला-गली में पलक सिंह की चौपाल लगी थी, जो भरोसा दिया था, उस भरोसे को कायम करने के लिए अब पुनः उसी स्थान पर चौपाल के जरिए जनसंवाद कर जनता से मुलाकात करने का सार्थक प्रयास चल रहा है। पलक सिंह के इस कार्यशैली की सराहना पूरे विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि जिले के कोने कोने में चल रही है। वैसे तो जनसेवा इनकी परिवारिक पृष्ठ भूमि रही है।

इनसेट

विधायक की बिटिया का सराहनीय पहल शुरू

पूर्व मंत्री एवं सुल्तानपुर विधायक विनोद सिंह की बिटिया का सराहनीय पहल जारी है। बिटिया की सोच ऐसी है कि आखिरी पायदान पर खड़े पीड़ित व्यक्ति के पास तक उपस्थिति दर्ज कराई जाए। जिनके पास “माननीय” से मिलने के लिए कोई “जुगाड़” नहीं है। ऐसे पीड़ित व्यक्तियों से जुड़कर सीधे तौर पर उनको सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। जिससे कि उनके तरक्की के रास्ते में कोई रुकावट, बाधा उत्पन्न न हो सके। इसलिए विधायक विनोद सिंह की बिटिया “पलक” सीधे तौर पर गांव की डगर पकड़ ली है। गांव में चौपाल लगी रही है, सीधा जनता से संवाद हो रहा है। साथ ही जनता से किए गए वादे को पूरा करने का पूरा भरोसा दिया जा रहा है। जनता अब पलक सिंह को देखने के लिए लालायित रहती है कि काश!पलक सिंह मेरे गांव में भी दस्तक देती तो मेरे समेत गांव का कायाकल्प हो जाता है। पलक सिंह इस पर गंभीरता से कार्य करने की पुरजोर कोशिश की है और उनकी कोशिश है कि विधानसभा के हर गांव में पहुंचकर जनता के सुख-दुख का हिस्सा बनूं और समस्या का निस्तारण भी करूं। उनकी इस दृढ़ इच्छा तक पर जनता भरोसा कर फलक सिंह का उत्साह वर्धन भी कर रही है।

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