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पीलीभीत

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े आंगनवाड़ी केंद्र को ग्रामीणों ने दोबारा बनवाने की मांग की

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जांच में गुणवत्ता विहीन पाया गया आंगनवाड़ी केंद्र एक वर्ष बाद भी दोबारा बनना शुरू नहीं हुआ

नवंबर 2019 में गुणवत्ता विहीन बनवाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्र को दोबारा नए सिरे से बनवाने के दिशा निर्देश जारी किए गए थे
सुनील मिश्रा
बिलसंडा। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत चपरौआ कुइया में पिछली वर्ष बनवाया जा रहा आंगनबाड़ी केंद्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था। ठेकेदार के द्वारा बनवाये जा रहे आंगनवाड़ी केंद्र में जमकर गोलमाल हुआ था ।चपरौआ के स्थाई निवासी शिवदास मिश्रा ने आंगनवाड़ी केंद्र का निर्माण गुणवत्ता बिहीन कराए जाने की शिकायत अधिकारियों से की थी । आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के भ्रष्टाचार की खबरेअखबारों की भी सुर्खियां बनी थी। मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन डीएम वैभव श्रीवास्तव ने उसकी जांच डीआरडीए के ए ई विष्णु कुमार को सौंपी
थी । जांच में आंगनबाड़ी केंद्र गुणवत्ता विहीन पाया गया था। यहां तक की इस केंद्र की नींव ही गड़बड़ थी । केंद्र में प्रयोग किए जाने वाला मटेरियल अत्यंत घटिया क्वालिटी का था। जांच करने पहुंचे जांच अधिकारी उसे देखकर दंग रह गए और उन्होंने उसे उखड़वाकर दोबारा बनवाने के निर्देश जारी किए गए थे। आंगनवाड़ी केंद्र को ध्वस्त तो करा दिया गया लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र को दोबारा बनवाने के बारे में शायद कोई विचार ही नहीं किया । एक वर्ष बीत जाने का के बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र दुवारा बनना नहीं शुरू हुआ । इस पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि पता नहीं इस आंगनवाड़ी केंद्र का धन कहां खर्च हो गया अथवा बंदरबांट हो गया इसे दोबारा अभी तक बनवाना शुरू क्यों नहीं किया गया ग्रामीणों ने एकत्र होकर आंगनबाड़ी केंद्र को दोबारा बनवाने की मांग उठाई।

मामला संज्ञान में आया है। आंगनबाड़ी केंद्र बनवाने की जिम्मेदारी प्रधान और सचिव की है । यदि जल्द ही कार्य शुरू नहीं कराया गया तो कार्रवाई की जाएगी ।

नीरज दुबे बी डी ओँ बिलसंडा

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