बलिया

आए दिन बलिया पुलिस करती हैं किसी बड़ी घटना का इंतजार, और किसी दिन मासूम की चली जाती हैं जान,

आए दिन बलिया पुलिस करती हैं किसी बड़ी घटना का इंतजार, और किसी दिन मासूम की चली जाती हैं जान।

दिव्यांग के बूढ़े पिता व परिजनों के साथ हो रहा अन्याय, पुलिस चुप,

बलिया। बताते चलें कि अभी हाल ही में बीते 8 फरवरी को बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में जली एक महिला ने 12 फरवरी को दम तोड़ दिया जबकि पीड़ित पक्ष ने ऐसी बड़ी अनहोनी होने का अंदेशा लेकर बलिया के आलाधिकारियों से अपने जानमाल के लिए गुहार लगाई थी, पर समय रहते पुलिस ने उसकी एक ना सुनी और वहां के स्थानीय दरोगा यसवंत सिंह अपनी रिपोर्ट में बार बार वहां शांति व्यवस्था कायम रहने की बात करते रहे नतीजतन एक मासूम की जान चली गयी।

वही दिव्यांग मंटू यादव के बूढ़े पिता व परिजनों को बार-बार मारपीट कर बुरी तरह घायल कर दिए जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से परेशान दिव्यांगों ने थाने पर पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई। वहीं पुलिस अधीक्षक से उचित कार्रवाई की मांग की।
उल्लेखनीय है कि दोनों पैरों से 100 प्रतिशत दिव्यांग मंटू यादव के वृद्धि पिता रामजी यादव व अन्य परिजनों को दो दिन पूर्व कुछ दबंगों ने पीट-पीट कर बुरी तरह घायल कर दिया। लहूलुहान दिव्यांग के परिजन थाने पहुंचे किंतु पुलिस कार्रवाई के बदले आश्वासन देकर वहां से टरका दिया।
इससे इस महीने पहले भी उक्त दबंगों द्वारा दिव्यांग के पिता व परिजनों को पीट-पीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया गया था। उस समय भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। परेशान दिव्यांग मंटू यादव उनके सहयोगी दिव्यांग उमेश गुप्त, जितेंद्र यादव, गोविंद व बसंत सहित कई दिव्यांग गुरुवार को थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।

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