Lakhimpur-khiri

प्रकाशित खबरों से तिल्मिलाए दारोगा ने रचा कुचक्र, पुलिस की मिलीभगत से भूमाफिया ने किया पत्रकार पर जानलेवा हमला

 

जितेन्द्र सिंह/अनुज यादव

लखीमपुर-खीरी।थाना फूलबेहड़ क्षेत्र की बेलगाम पुलिस अपनी लचर कार्यशैली व दबंग भूमाफियाओं से सांठ-गांठ कर बड़े-बड़े अपराधों को अंजाम दिलवाती हैं। वैसे भी खाकी पर यहां बदनुमा दाग लगने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें पुलिसिया मिली भगत के चलते थाना फूलबेहड़ क्षेत्र में ग्राम जंगपुर की पीड़ित विधवा असहाय वृद्ध महिला की कृषक भूमि पर गांव के ही भूमाफिया द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया।उपरोक्त मामले की सूचना पीड़िता द्वारा कोतवाली प्रभारी फूलबेहड़ को लिखित रूप में दी परन्तु चांदी की चमक में अंधे हो चुके थाना प्रभारी को गरीब महिला का प्रार्थना पत्र दिखाई ही नहीं पड़ा। मामले में पुलिस द्वारा कार्यवाही न किये जाने से निराश पीड़ित पक्ष ने न्याय पाने के उद्देश्य से लखीमपुर मुख्यालय आकर अपनी व्यथा पत्रकारों से कही जिसका संज्ञान लेते हुए एक दैनिक समाचार पत्र के प्रभारी ने प्रकरण के संबंध में प्रभारी फूलबेहड़ श्याम नारायन से दूरभाष पर बात की जिस पर कोतवाली प्रभारी द्वारा मामले को टालते हुए हल्का दारोगा शिव कुमार से बात करने को कहा। पत्रकार द्वारा शिव कुमार से दूरभाष पर बात हुई,जिस पर उन्होंने पत्रकार से कहां कि यह कोई नया मामला नहीं है ऐसा अक्सर होता रहता है,जिस पर पत्रकार ने कहा कि आपके रहते हुए क्षेत्र में इस तरह दबंगों द्वारा घटनाएं घटित की जा रही है जिस पर एस.आई शिवकुमार ने बेहिचक पत्रकार से कहा कि “मेरे रहते मर्डर भी होते हैं बलात्कार भी होते हैं” जिसका संज्ञान पत्रकार द्वारा कोतवाली प्रभारी को कराया गया।परंतु प्रभारी महोदय द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई।पुलिस की इस तरह की लचर कार्यशैली के चलते सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है,कि इस भ्रष्टाचार के दलदल में फूलबेहड़ पुलिस पूरी तरह से संलिप्त है।उपरोक्त घटना के संबंध में दोबारा थाना प्रभारी से बात की गई जिस पर उन्होंने मामला राजस्व का होने की बात कही जिस पर पीड़ित पक्ष तहसीलदार सदर लखीमपुर के पास गया और एक प्रार्थना पत्र दिया जिस पर तहसीलदार द्वारा थाना फूलबेहड़ व हल्का लेखपाल संजय श्रीवास्तव को प्रकरण को देखकर निस्तारित कराने के लिए निर्देशित किया गया।इसी दौरान एस.आई शिवकुमार ने भूमाफिया से मिलकर पत्रकार की हत्या कराने का षड्यंत्र रचा तथा दिनांक 09/04/2020 को शाम को पत्रकार के नंबर पर फोन कर अगले दिन घटना स्थल पर बुलाया। पत्रकार अगले दिन 10/04/2020 को समाचार संकलन हेतु दो पत्रकार साथियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा। उसी दौरान भू माफिया के साथ 15-20 लोग और मौके पर आ धमके तथा एसआई शिवकुमार की सह पर पत्रकार से अभद्रता करने लगे,जिसको टालने के उद्देश्य से पत्रकार वहां से जाने लगा लगभग 50 मीटर की दूरी पर पहुंचने के बाद एसआई शिवकुमार ने पत्रकार को ललकारा और अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए कहा रुक आज तेरी सारी पत्रकारिता यही पर निकाल दूंगा।मौके की नजाकत को देखते हुए पत्रकार एस आई की बातों को अनसुना करते हुए तेज कदमों से सामने गांव की तरफ बढ़ता गया जहां पर पत्रकार की गाड़ी खड़ी थी।इसी दौरान एसआई शिवकुमार और भूमाफिया निसार अली व रईस अली के मध्य कुछ कानाफूसी हुई इतने में ही एस आई के उकसाने पर निसार व रईस तथा साथ में आए 15-20 लोगों ने पत्रकार को जान से मारने के उद्देश्य से दौड़ा लिया,उनके हाथो में बांका व अन्य गोपनीय हथियार थे जो कपड़े के ऊपर से चमक रहें थे।यह देखकर पत्रकार ने भाग कर किसी तरह से अपनी जान बचाई जिसके कई लोग चश्मदीद गवाह है। इससे साफ जाहिर होता है,कि एसआई शिवकुमार व भू माफिया की मिलीभगत से पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ।उपरोक्त प्रकरण में पत्रकार द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर एक शिकायती प्रार्थना पत्र दर्ज करा दिया गया है।

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