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मुंबई : लॉक डाउन में बढा ऑनलाइन टीचिंग का महत्व – चिंतन पटेल

संवाददाता : एसपी पांडेय
मुंबई: श्री विलेपार्ले केलवानी मंडल के वाईस प्रेसीडेंट चिंतन अमरीश पटेल ने कहा है कि वैश्विक महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोना वायरस के प्रादुर्भाव को नियंत्रित करने के लिए पिछले दो महीने से देश में जारी लाकडाऊन के चलते सभी शैक्षणिक संस्थान बंद पडे हुए हैं। कोरोना का कहर इतना व्यापक है कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को शैक्षणिक प्रक्रिया के साथ ही वार्षिक परीक्षा को भी स्थगित करने को विवश होना पडा है। ऐसे दौर में आनलाईन टीचिंग का महत्व बढ गया है। जिसे गति देने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय तमाम कोशिशें कर रहा है। चिंतन पटेल ने बताया कि कोरोना लाकडाऊन के दौरान आनलाईन टीचिंग को लेकर आ रही चुनौतियों को लेकर देश के शिक्षकों से उनकी समस्याओं को जानने और उसके लिए संभावित समाधान के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले दिनों विभिन्न शिक्षकों से सीधे आनलाईन वेब इंटेरैक्शन किया। इस आनलाईन वेब इंटेरैक्शन के दौरान एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि एक लाख करोड़ की निधि शिक्षण संस्थानों के विकास के लिए कई योजनाओं के माध्यमों से दी जाएगी। यह निधि वर्ष 2022 तक के लिए दी जानी है। इनमें से 40 हजार करोड़ की राशि पहले ही आबंटित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में नेतृत्व करने वाले शिक्षकों की प्रशासनिक क्षमता बढाने के लिए लीडरशिप प्रोग्राम बनाया गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि अध्यापक का जीवन महत्वपूर्ण है। यूजीसी एक टास्क फोर्स बनाए जो कि कालेजों के स्कूल खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग समेत विभिन्न दिशानिर्देश बना कर जारी करे। ऐसे ही एनसीईआरटी को भी ऐसी ही गाईड लाईन बनाने को कहा गया था, कि स्कूल खुलने पर सोशल डिस्टेंसिंग का कैसे पालन हो, इसके बाबत दिशानिर्देश तैयार करे, जिसके बाद एनसीईआरटी ने अपनी रिपोर्ट सबमिट कर दी है। इन पर विचार किया जा रहा है, और यह दिशानिर्देश स्कूल खुलने से पहले ही जारी कर दिए जाएंगे। चिंतन पटेल ने कहा कि मूल्यांकन कर शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र की तैयारी नहीं करनी है, क्योंकि यह पहले से ही मुश्किल कार्य है। उन्होंने कहा कि हमारे पास दीक्षा मेंं 80,000 से अधिक पाठ्यक्रम, ई – पाठशाला पर हजारों पाठ्यक्रम, स्वयंप्रभा पर लाखों पाठ्य सामग्री, स्कूल, उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए आनलाईन शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं। इसके अलावा निष्ठा योजना के जरिए देश के 42 लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके पहले आचार्य देवो भव: के तौर पर लिए जा रहे इस लाइव आनलाईन वेब इंटेरैक्शन के लिए शिक्षा मंत्री के साथ-साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से अपडेट जारी करते हुए ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को इंटेरैक्शन में जुडने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। चिंतन पटेल ने बताया कि शिक्षा मंत्री ने देश भर के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड 19 के इस संकट के समय आपके जेहन में कई प्रश्न, उलझनें और सुझाव होंगे। शिक्षा मंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के ट्वीटर हैंडल से साझा की गई आनलाईन वेब इंटेरैक्शन के बारे में जानकारी के रिस्पांस में कई सारे यूजर्स ने पहले से ही प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं। इनमें से ज्यादातर समस्याएं जहां विभिन्न राज्यों में शिक्षकों की भर्ती या उनके न मिलने वाले वेतन से जुडी हैं, वहीं शिक्षा से जुडे अन्य मुद्दों पर भी यूजर्स सुझाव देते नजर आ रहे हैं। चिंतन पटेल ने बताया कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री द्वारा इससे पहले फेसबुक और ट्वीटर के जरिए देश भर के पैरेंट्स के साथ-साथ अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ और फिर बाद में एक अन्य लाइव वेब इंटेरैक्शन मेंं सिर्फ छात्रों के साथ संवाद किया गया था। इन दोनों ही अवसरों पर काफी सारे यूजर्स ने भाग लिया था, और शिक्षा मंत्री से प्रश्न किए थे। छात्रों के साथ इंटेरैक्शन में शिक्षा मंत्री ने जेईई मेन के बचे पेपरों, नीट आदि परीक्षाओं की तिथियों के बारे में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की थीं।

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