Uttar Pradesh

मौत के मुंह में पहुँचा दिये गए बेटे के लिए इंसाफ चाहिये कुसुमा देवी को

 

रायबरेली से न्यूज संवाददाता शिव शंकर मिश्रा

रायबरेली :गाँव पनवारी मजरे माधवपुर सुलतान की रहने वाली श्रीमती कुसुमा देवी पत्नी राम प्रसाद पाण्डेय की रायबरेली के पुलिस अधीक्षक से गुहार है कि 14 /04 2020 को मार – मार के मृत्यु के कगार पर पहुंचा दिये गए उनके पुत्र दुर्गेश कुमार के मामलें में दर्ज हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट में सुंसगत धाराओं का प्रयोग हो . दुर्गेश कुमार के परिजनों का कहना है कि विपक्षियों द्वारा किये गए जानलेवा हमले में हत्या के प्रयास की धारा 307 सहित अपराध के मुताबिक अन्य धाराओं का प्रयोग क्यों नहीं हुआ ? इसी हमले के चलते दुर्गेश कुमार को केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में 14 अप्रैल से लेकर 04 मई तक एडमिट होना पड़ा. इसके अलावा स्वयं श्रीमती कुसुमा देवी और उनके भतीजे स्वतंत्र पाण्डेय को भी गहरी चोटें आई. इसको लेकर ऊँचाहार थाने में उनकी ओर से प्र. सू.रि. क्रमांक संख्या 0156 / धारा – 147 , 148 , 323, 324 , 504 , 506 दर्ज कराया गया.इन लोगों का कहना है कि स्थानीय पुलिस ने विपक्षियों से मिलकर इनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दिया. अब एक ओर तो विपक्षीगण अब भी इनको डरा – धमका रहे है तो दूसरी तरफ पुलिस इन लोगों पर समझौते का दबाव बना रही है.
अब जबकि श्रीमती कुसुमा देवी और उनके दूसरे परिजन फोन और आभासी संसार के अन्य संचार माध्यमों से जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारियों सहित पुलिस अधीक्षक से इंसाफ की गुहार कर रहे है तब क्या रायबरेली के पुलिस अधीक्षक यह पूरा मामला अपनी जानकारी में लेकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कुसुमा देवी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थनापत्र के आधार पर जो एफआईआर दर्ज हुई है , उसमें सुंसगत धाराओं का प्रयोग हुआ है ? इसके अलावा क्या एसपी स्थानीय ऊँचाहार थाने की पुलिस को निर्देशित करेंगे कि वह विपक्षियों से मिलकर इनके ऊपर किसी भी प्रकार के समझौते का अनुचित दबाव ना बनाये. क्या रायबरेली पुलिस श्रीमती कुसुमा देवी सहित उनके पूरे परिवार की विपक्षियों से सुरक्षा सुनिश्चित करवायेंगे जिससे निकट भविष्य में इनके परिवार पर फिर से कोई हमला न हो ?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button