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लॉकडाउन 4.0 से पहले योगी सरकार ने यूपी के इन तीन शहरों में दिए और सख्ती आदेश

लखनऊ

 

संपादकीय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हुए देश के लघु,मध्यम, मझोले उद्योग, सहित सभी सेक्टर को राहत देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के अभुतपूर्व आर्थिक पैकेज का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन के चौथे चरण को भी स्पष्ट किया और कहा, यह नए रंग रूप और नए नियमो वाला होगा। इसकी जानकारी 18 मई के पहले दी जाएगी। पैकेज का विस्तार से विवरण वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से देंगी। इसी बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने की सरकार की कोशिशों पर पानी फेर रहे आगरा, मेरठ और कानपुर में लाॅकडाउन के नियमों को और सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं।

सीएम योगी ने मंगलवार को लाॅकडाउन की समीक्षा बैठक में आगरा, मेरठ तथा कानपुर नगर में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण में निगरानी समितियों की बड़ी भूमिका है। इसलिए सभी ग्राम पंचायतों तथा शहरी निकायों में वॉर्ड स्तर पर बेहतर सर्विलांस के लिए निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए। निगरानी समितियां होम क्वारंटीन की अवधि में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के सर्विलांस का कार्य करेंगी। निगरानी समितियों के द्वारा यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि कोई भी बाहरी व्यक्ति यदि चोरी-छिपे उनके क्षेत्र में आए तो वे प्रशासन को सूचित करें। बाद में, यह समितियां वृक्षारोपण तथा खाद्यान्न वितरण में भी उपयोगी भूमिका निभा सकती हैं। निगरानी समितियों के कार्य के लिए एक मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देशदेते हुए उन्होंने कहा कि इस समिति में ग्राम प्रधान, ग्राम चैकीदार, आशा वर्कर स्वच्छाग्रही, युवक मंगल दल तथा नेहरू युवा केन्द्र के सदस्यों को शामिल किया जाए।

सीएम योगी ने सभी जरूरतमंद और पात्र लोगों को राशन कार्ड दिए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले सभी प्रवासी श्रमिकों को चरणबद्ध ढंग से राशन कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। प्रवासी श्रमिकों समेत किसी भी जरूरतमंद के पास राशन कार्ड न होने पर भी उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी को भी भोजन अथवा खाद्यान्न की समस्या न होने पाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन को टैग किया जाना चाहिये।

सभी कृषि विज्ञान केन्द्र कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) को बढ़ावा दें तथा किसानों को कृषि विविधिकरण के लिए प्रशिक्षित करें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं क्रय केन्द्र की व्यवस्था को और बेहतर ढंग से लागू किया जाए। किसानों के हित में कुछ स्थानों पर निजी मण्डियों की स्थापना करायी जाए। उन्होंने प्रमुख सचिव कृषि, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद तथा खाद्य आयुक्त को मण्डियों का निरीक्षण करके आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टेस्टिंग और ट्रेनिंग पर विशेष बल देते हुये उन्होने कहा कि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग तथा मेडिकल टीम की बेहतर ट्रेनिंग से संक्रमण को रोकने में बहुत सहायता मिलती है। स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दें।

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