संम्पादकिय

सीने में दुश्मनी लिये सरहद के पार से,
आया कोई इधर तो सलामत न जाएगा।

विनय तिवारी
चीन वो देश है जिसने सौंदर्य वार्ता का कागज़ी फूल सामने रखकर अपनी आस्तीन के खंजर को हमेशा छुपा रखा है। हमें अब हमेशा के लिए इस धोके से बाहर आ कर के चीन को जवाब देना होगा।

पूरा विश्व जब कोरोना जैसी वैश्विक से जूझ रहा है और लड़ रहा है। ऐसी स्थिति में चीन का हमारे देश के प्रति इस तरह का व्यवहार अति निंदनीय है। भारत सरकार को चाहिए कि वह चीन से हर तरह का रिश्ता समाप्त कर दें चाहे वह व्यवसाई को या कोई और। मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि सीमाओं के रक्षक जवानों के खून का एक कतरा भी व्यर्थ गवारा नहीं किया जाना चाहिए।
हमारी सरकार को सखूत कार्रवाई करते हुए इस समस्या का अब स्थाई समाधान करना चाहिए।

मिन्नत गोरखपुरी ने कहा,
आंखों में आंखें डाल के कह दीजिए उसे,
कब तक हमारे सब्र को वो आज़माएगा,
सीने में दुश्मनी लिये सरहद के पार से,
आया कोई इधर तो सलामत न जाएगा।

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