Games

एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए भारत के गेम प्लान से सीखेगा इंग्लै

लंदन। इंग्लैंड मेन्स क्रिकेट टीम के हेड कोच क्रिस सिल्वरवुड ने कहा है कि इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया में भारत की सीरीज जीत से सीखने की कोशिश करेगी, क्योंकि 2015 के बाद से पहली बार एशेज सीरीज जीतना टीम का मकसद है। सिल्वरवुड ने आठ दिसंबर को ब्रिसबेन में शुरू हो रही एशेज सीरीज के लिए 17 सदस्यीय टीम की घोषणा के बाद कहा, हम कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। हमें रास्ते में कुछ सफलता मिली है और हमने साबित किया है कि हम भारत के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। मेरे लिए महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे खिलाडिय़ों ने देखा है कि दुनिया में सबसे अच्छा कैसे दिखता है और उन्होंने इसके खिलाफ खेला है। उन्होंने महसूस किया है कि उन्होंने भारत को कड़ी टक्कर दी है। हमने उनके खिलाफ सफलता का स्वाद भी चखा है। उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड ने इस साल भारत के खिलाफ आठ टेस्ट मैच खेले हैं और उन कारकों को करीब से जाना है जो विराट कोहली की टीम को इतना मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनाते हैं। भारत ने इन आठ मैचों में से पांच जीते थे और ट्रेंट ब्रिज में इंग्लैंड पर दबाव बनाया था। इससे साफ है कि इंग्लैंड वर्ल्ड क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड टेस्ट टीम के साथ तालमेल रखने के लिए संघर्ष कर रही थी, लेकिन इंग्लैंड को अपने पिछले नौ टेस्ट मैचों में से सिर्फ एक में जीत मिली है, इसके बावजूद सिल्वरवुड का मानना है कि उनकी टीम ने भारत से बहुत कुछ सीखा है और ऑस्ट्रेलिया में उनकी टीम प्रतिस्पर्धी हो सकती है। इंग्लैंड के कोच ने कहा, हेडिंग्ले टेस्ट को देखिए, जब हम काफी मजबूत वापसी कर रहे थे, जिससे पता चलता है कि हमारे पास 20 विकेट लेने और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का कौशल है, इसलिए मैं इसे एक सकारात्मक तरीके से देखता हूं और यह समूह के लिए मनोबल बढ़ाने जैसा है। खिलाड़ी अब दबाव को बेहतर ढंग से संभालने के लिए अधिक से अधिक ऑप्शन देखते हैं, जो बहुत अच्छा हैं।

सिल्वरवुड ने कहा, मुझे लगता है कि हम एशेज में काफी प्रतिस्पर्धी होंगे। तथ्यों को देखें तो ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ सालों से मजबूत पक्ष रहा है और उसका सम्मान करते हैं, लेकिन हम पिछले छह से सात महीनों से दुनिया की दो सबसे मजबूत टीमों के खिलाफ खेले हैं, जिससे हमने बहुत कुछ सीखा है। हम भारतीय टीम को देखें तो उसने एक गेम प्लान दिखाया है जो ऑस्ट्रेलिया में सफल रहा है, इसलिए हम उनसे सीखेंगे। हमारा दृढ़ विश्वास है कि हम कुछ खास कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button