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पीएम मोदी ने भव्य स्वागत के लिए राष्ट्रपति बाइडन को कहा धन्यवाद

नई दिल्ली(एजेंसी)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जो बाइडन ने भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी के साथ विदेश मंत्री जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद रहे।प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी कैबिनेट से मुलाकात की। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाइट हाउस में भव्य स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रथम महिला जिल बाइडन का आभार जताया।अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फिर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मैं यहां पर आपकी राजकीय यात्रा की मेजबानी करने वाला पहला व्यक्ति बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में कहा कि आपके (प्रधानमंत्री मोदी) सहयोग से हमने स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध हिंदू-प्रशांत के लिए क्वाड को मजबूत किया।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्हाइट हाउस में दिए अपने संबोधन में भारतीय अमेरिकी समुदाय के लोगों को जमकर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 3 दशक में पहली बार भारतीय अमेरिकी समुदाय के लिए व्हाइट हाउस के दरवाजे खोले गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन के फेबर एंड फेबर लिमिटेड द्वारा प्रकाशित और यूनिवर्सिटी प्रेस ग्लासगो में मुद्रित पुस्तक द टेन प्रिंसिपल उपनिषद के पहले संस्करण की एक प्रति राष्ट्रपति जो बाइडन को उपहार में दी।पीएम मोदी द्वारा गिफ्ट किए गए बॉक्स में गणेश की मूर्ति है, जो एक हिंदू देवता हैं जिन्हें बाधाओं का विनाशक माना जाता है और जिनकी सभी देवताओं में सबसे पहले पूजा की जाती है। मूर्ति को कोलकाता के पांचवीं पीढ़ी के चांदी कारीगरों के एक परिवार द्वारा हस्तनिर्मित किया गया है।बॉक्स में एक दीया (तेल का दीपक) भी है जो हर हिंदू घर में एक पवित्र स्थान रखता है। इस चांदी के दीये को भी कोलकाता में पांचवीं पीढ़ी के चांदी कारीगरों के परिवार के कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित किया गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को एक विशेष चंदन का डिब्बा भेंट किया, जिसे जयपुर, राजस्थान के एक मास्टर शिल्पकार ने बनाया है। मैसूर, कर्नाटक से प्राप्त चंदन में जटिल रूप से नक्काशीदार वनस्पतियों और जीवों के पैटर्न हैं।पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की प्रथम महिला डॉ. जिल बाइडन को प्रयोगशाला में विकसित 7.5 कैरेट का हरा हीरा उपहार में दिया।हीरा पृथ्वी से खोदे गए हीरों के रासायनिक और ऑप्टिकल गुणों को दर्शाता है। यह पर्यावरण के अनुकूल भी है, क्योंकि इसके निर्माण में सौर और पवन ऊर्जा जैसे पर्यावरण-विविध संसाधनों का उपयोग किया गया है।

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