यादों में सिमटकर रह गये हैं सावन के झूले
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Deoria
यादों में सिमटकर रह गये हैं सावन के झूले
आधुनिक परम्परा की चकाचौंध में विलुप्त हो गई लोकगीत कजरी संतोष शाह रुद्रपुर (देवरिया)। प्रतीक्षा मिलन और विरह की…
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